बुधवार

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित, 10वीं के एग्जाम फिलहाल कैंसिल

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। इसके अलावा 10वीं के एग्जाम फिलहाल कैंसिल कर दिए गए हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। 12वीं की मई और जून में होने वाली परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया, अब इनकी तारीख एक जून के बाद तय की जाएगी।



10वीं के स्टूडेंट्स का रिजल्ट बोर्ड द्वारा तैयार किए गए ऑब्जेएक्टिव क्राइटिया द्वारा तैयार किया जाएगा। बुधवार को सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिक्षा मंत्री और मंत्रालयों के अफसरों के साथ बैठक की थी। जिसमें यह फैसला लिया गया है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। इसके अलावा 10वीं के एग्जाम फिलहाल कैंसिल कर दिए गए हैं।

देश के विभिन्न राज्यों में कोरोना संक्रमण से बिगड़ते हालात के बीच कई महानगरों और प्रमुख शहरों में कोरोना से होने वाली मौतों की वीभत्स तस्वीरें आ रही हैं.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह जैसे तमाम नेताओं ने परीक्षा रद्द करने की मांग की थी. वहीं, लॉकडाउन के दौरान प्रवासियों की मदद से चर्चा में आए बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने भी सार्वजनिक रूप से आग्रह किया था कि ये परीक्षाएं न ली जाएं. एक्ट्रेस रवीना टंडन ने भी कोरोना के हालात को देखते हुए छात्रों के हित में सीबीएसई परीक्षा रद्द करने की मांग की थी. इन तमाम शख्सियतों की मांग पर ध्यान देते हुए आखिरकार आज केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने सीबीएसई परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया. इस फैसले की कई लोगों ने सराहना की है

देशभर के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कलाकार कोरोना संक्रमण के मद्देनजर इन परीक्षाओं को रद्द करने की मांग कर रहे थे. सोशल मीडिया पर इसको लेकर अभियान तक चलाया जा रहा था.

सोमवार

जानिए कब से शुरू हो रही हैं चैत्र की नवरात्रि और क्यों खास हैं इस बार

चैत्र और शारदीय नवरात्रि पूरे देश में बहुत श्रद्धा भाव से मनाई जाती है. इस साल चैत्र नवरात्रि 13 अप्रैल को शुरू हो रही है और इसका समापन 21 अप्रैल को होगा

chaitr navratri

 नवरात्रि के दौरान पूरे नौ दिनों तक हर तरफ भक्तिमय माहौल रहता है. ज्योतिष के अनुसार इन नौ दिनों में किन चीजों का पालन करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं आइये जानते हैं।
 
नवरात्रि शुरू होने से एक दिन पहले घर की और पूजा स्थल की अच्छे से सफाई करें. नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा का घर में आगमन होता है. इसलिए मां के आगमन से पहले पूरे घर की अच्छे से सफाई कर लें. और माँ के आगमन की तैयारी करें।

मां के आगमन से पहले घर के मुख्य द्वार पर हल्दी या रोली से स्वास्तिक बनाएं. हल्दी से बना स्वास्तिक गुरु ग्रह को जबकि रोली से बना स्वास्तिक चिन्ह शुक्र को शुद्ध करता है और जीवन में सकारात्मक लाता है.
नवरात्रि में हमेशा मां की प्रतिमा को चंदन या चांदी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर पर स्थापित करना चाहिए. लाल रंग को सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. 

कलश स्थापना में दिशा का ध्यान में रखकर कलश हमेशा उत्तर पूर्व दिशा में स्थापित करना चाहिए. कलश को सुपारी, सिक्का और जल डालकर भरना चाहिए.

 कलश पर अशोक के पत्ते जरूर रखें. ये पत्ते शुभ गिनतियों में होने चाहिए जैसे 9, 11, 21 आदि. अशोक को शोक और संकट को हरने वाला पौधा कहा जाता है.इसलिए पूजा-पाठ में इसका प्रयोग करने से जीवन में आने वाली विपदाएं दूर होती हैं. कलश पर कलावा बांधकर जटादार नारियल रखें.
चैत्र नवरात्रि के दौरान अपने पूजा स्थान पर अखंड दीपक जलाएं. अगर आप अखंड दीपक नहीं जला पा रहे हैं तो पूरी नवरात्रि सुबह और शाम को दीपक जरूर जलाएं. इससे.मां दुर्गा की कृपा आप पर बनी रहेगी. 

चैत्र हो या शारदीय नवरात्र मातारानी की पूजा में जौ जरूर अर्पित क‍िए जाते हैं। इसके अलावा नवरात्र में जौ बोने की परंपरा भी सद‍ियों से चली आ रही है।मान्‍यता है कि नवरात्र के दौरान बोई गई जौ जैसे-जैसे आगे बढ़ती है वैसे ही मां की कृपा भी बरसती है। इसके अलावा जौ जितनी हरी-भरी होगी। दुर्गा मां की कृपा से जातक के घर में उतनी ही सुख-समृद्धि आती है।

सबसे पहले आवश्यक है कि प्रतिदिन मंदिर जाएं. अगर कोरोना के कारण मंदिर नहीं जा पा रहे हैं तो मां की घर में ही पूजा-अर्चना करें. मातारानी को जल अवश्य अर्पित करें. घर में नंगे पैर रहना चाहिए. साफ-सफाई का खास ध्यान रखें. साफ कपड़े पहनें.

सात्विक रहें. घर में कलह-क्लेश नहीं होना चाहिए. मां को अपने हाथों से बना प्रसाद अर्पित करें. सुबह-शाम मां के नाम की ज्योत जलनी चाहिए. घी से जलाएं. गरीबों की यथाशक्ति मदद करें.

मांस-मदिरा का सेवन न करें. तामसिक भोजन से दूर रहें. इन दिनों में नाखून व बाल न काटें. किसी से अभद्र भाषा में बात न करें. मन में बुरे विचार न आने दें.

शनिवार

बिना मेकअप के चेहरा देखा तो नही की शादी

यह एक ऐसी काल्पनिक कहानी है जिससे कुछ सीख सकते हैं।  विनोद एक दिन प्रीति के घर गया तो उसने देखा जिस प्रीति को जो वह देखता था वह प्रीति बहुत सुंदर दिखती थी।  लेकिन विनोद अचानक प्रीति के घर पहुंचा तो उसने देखा कि प्रीति तो एकदम बुढ़िया जैसी लगती है, उसके चेहरे में कोई तनाव या कसाव नहीं है ना ही कोई चमक है जैसा कि उसे दिखाई पड़ता था।  क्योंकि जब भी किसी के सामने प्रीति जाती तो मेकअप के बाद ही जाती थी बिना मेकअप के लोग प्रीति को देख ही नहीं पाते थे और ना ही प्रीति बिना मेकअप के किसी के सामने जाती

 उस दिन ऐसा हुआ कि विनोद अचानक ही बिना बताए प्रीति के घर पहुंच गया और प्रीति ने दरवाजा खोल दिया।  उसको प्रीति देखने में अच्छी नहीं लगी वह बैठा और उसने वहां चाय पी।  चाय पीते समय वह प्रीति को देखे जा रहा था। 
 
विनोद प्रीति से शादी करने जा रहा था और कुछ ही दिनों में उनकी शादी होने वाली थी।  लेकिन चाय पीते-पीते उसने तय किया किअब वह प्रीति से शादी नहीं करेगा। क्योंकि वह उसके उस चेहरे से आकर्षित था जिसे वह मेकअप के बाद ही देखा करता था। अंत में यही हुआ कि विनोद ने प्रीति से शादी नहीं की।

 क्या प्रीति को अपने चेहरे को प्राकृतिक सुंदर बनाना था या जैसी थी वैसी रहना था।  क्या प्रीति मेकअप का चेहरा दिखाकर विनोद के साथ धोखा कर रही थी। क्या विनोद को उसके चेहरे के बजाय उसके अंदर की अच्छाइयों को भी देखना चाहिए था।  उसके बारे में कमेंट बॉक्स में बताएं

शुक्रवार

पथ (पीले फूल)-भाग 2 रीमा ठाकुर (लेखिका ) धारावाहिक

घर पहुँचते ही नीरु माँ के रुम मे भाग कर गई ,पास जाकर देखा ,तो माँ का चेहरा भावशून्य हो रहा था,,,,

नीरु डर गई,माँ माँ क्या हुआ,आपको ,नीरु माँ के बहुत नजदीक पहुँच गई,नीरु बेटा ,,,पापा को फोन लगाकर बुला ले,माँ कराहते हुऐ बोली,माँ आप ऐसा क्यू बोल रही है""""""

नीरु फफक पडी,अचानक से माँ की न थमने वाली खाँशी शुरु हो गई,""""""""         

कितनी बार समझाया, माँ अपना ख्याल रखो,पर मेरी सुनता कौन है,,,,


नीरु आँसू पोछती हुई बोली,तभी माँ ने एक जोर की खाँशी के साथ,बहुत सारा खून उगल दिया,और निस्तेज हो,.वही पंलग पर निढाल हो गई,,,,,,

धीरे धीरे माँ का जिस्म ठंडा  होने लगा,बस उनके मुहँ कुछ अस्पष्ट से शब्द सुनाई दे रहे थे""""

नीरु मेरा बहादुर बच्चा अपना और पापा का ख्याल रखना,,

माँ,आप ऐसा क्यू बोल रही हो,नीरु सिसक उठी""""""

अब माँ खमोश थी""""

माँ ,की हालात देख नीरु"बाहर गेट की ओर भागी ,वापस आयी तो उसके साथ पडोस की काकी थी""""

क्या हुआ बेटा"""""

पता नही काकी माँ ,को कुछ हो गया है""""""

रुम मे पैर रखते ही,काकी ठिठक गई,रुम मे खून बिखरा पडा था""""""""

वो पलंग के पास पहुँची,दमयंती  अरे वो दमयंती आँखे खोलो,माँ की ओर से जबाब न पाकर ,,काकी भी घबरा गई,

वो माँ के पँलग के नजदीक खडी हो गई"""""

हाथ से गर्दन उठाई तो गर्दन एक ओर लुढक गई""""""

माँ के जिस्म मे कुछ हरकत न देख,काकी समझ गई"""

की  दमयंती  अब इस दुनिया से विदा ले चुकी है!


नीरु बेटा बाहर  से सब को बुला लाओ,और काका को 

बोलो की पापा को फोन कर सूचित करे"""""

जितनी जल्दी हो सके,घर पहुँचे""""""कृमशः 

आगे जारी भाग -3-प्रिये  पाठक✍️🏻🙏🏼

कृपया आपसब  बताऐ की दूसरा भाग कैसा लगा 

आपसे अनुरोध है,समीक्षा मे  जरुर बताये"""""

       आपकी अपनी लेखिका रीमा ठाकुर🙏🏼✍️🏻


मथुरा वृंदावन के मंदिरों की सम्पूर्ण जानकारी

रविवार

Do rail bus ply between Mathura Junction and Vrindavan?

 मथुरा से वृन्दावन 12 KM है।  

ट्रेन रुट है तो सही लेकिन वहां तक ट्रेन जाती नही है। मथुरा से वृन्दावन जाने के लिए टेम्पो, टेक्सी, आदि ही सफल हैं।

"दिव्य कुम्भ - भव्य कुम्भ" दिनांक 16 फरवरी 2021 से 25 मार्च 2021 #श्रीधाम_वृन्दावन (मथुरा)

"दिव्य कुम्भ - भव्य कुम्भ"
दिनांक 16 फरवरी 2021 से 25 मार्च 2021
#श्रीधाम_वृन्दावन (मथुरा)



Kumbh Mela Vrindavan


"दिव्य कुम्भ - भव्य कुम्भ"
दिनांक 16 फरवरी 2021 से 25 मार्च 2021
#श्रीधाम_वृन्दावन (मथुरा)


श्रीधाम_वृन्दावन कुंभ  शुभारंभ 16 फरवरी को वसंत पंचमी के दिन तीनों अनी अखाड़ों द्वारा ध्वजारोहण के साथ होगा। रंगभरनी एकादशी 25 मार्च को पंचकोसीय परिक्रमा के साथ मेले का समापन होगा। तीन शाही स्नान की तिथियां घोषित की गई हैं।

पहला शाही स्नान माघी पूर्णिमा 27 फरवरी को होगा। 
द्वितीय शाही स्नान फाल्गुन कृष्ण पक्ष 9 मार्च को होगा
तीसरा शाही स्नान अमावस्या 13 मार्च को होगा।
 

शुक्रवार

राशन कार्ड अभी नहीं बना है तो शीघ्र बनवा लें, हैं कई फायदे

राशन कार्ड एक सरकारी कागजात है, जिसकी मदद से उचित दर की दुकानों से चावल, गेंहू ,राशन आदि समान मार्किट रेट से कम दाम पर खरीद सकते हैं।

 कोरोना काल में उत्तर प्रदेश सरकार  ने राशन कार्ड धारकों को राशन मुफ्त में बांटा है जो अभी भी दिया जा रहा है। इसके अलावा कई जगहों पर राशन कार्ड का इस्तेमाल आईडी प्रूफ  के तौर पर भी होता है। जैसे- एलपीजी कनेक्शन, ड्राइविंग लाइसेंस आदि में।

राशन कार्ड 3 प्रकार के होते हैं- 
गरीबी रेखा के ऊपर (APL),
गरीबी रेखा के नीचे (BPL) 
अन्‍त्योदय (Antyodaya) परिवारों के लिए

अंत्योदय कैटेगरी में बेहद ज्यादा गरीब लोग आते हैं। ये कैटेगरी व्यक्ति की सालाना आय के आधार पर तय की जाती है।

राशन कार्ड बनवाने के लिए व्यक्ति का भारत का नागरिक होना अनिवार्य शर्त है। जो व्यक्ति जिस प्रदेश से राशन कार्ड बनवाना चाहता है, उसके पास किसी अन्य राज्य का राशन कार्ड नहीं होना चाहिए।

राशन कार्ड बनवाने वाले कि आयु 18 साल से अधिक होनी चाहिए। जिन बच्चों की उम्र 18 साल से कम होती है, उन बच्चों के नाम माता-पिता के राशन कार्ड में शामिल किया जाता है।

राशन कार्ड के लिए आपको आवेदन करना होगा। जिसकी जांच आवेदन करने के 30 दिन के अंदर पूरी हो जाती है। सभी डिटेल वेरिफाई होने के बाद राशन कार्ड बन जाता है। 

इसका प्रयोग बैंक खाता खोलने, सिम लेने, आई डी प्रूफ, पते का प्रमाण पत्र आदि कई जगह पर कर सकते हैं।

Mathura Vrindavan

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित, 10वीं के एग्जाम फिलहाल कैंसिल

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। इसके अलावा 10वीं के एग्जाम फिलहाल कैंसिल कर दिए गए हैं। ...