मंगलवार

How can i visit in Mathura

मथुरा वृन्दावन को घूमने का सही तरीका 

जब आप मथुरा वृन्दावन घूमने का टूर बनायें, तो आपको यह पता होना  चहिये  कि मथुरा वृन्दावन को सही तरह से कैसे घुमा जाये। आपको यह भी जानना जरुरी है कि  कितने दिनों में मथुरा वृन्दावन को पूरी तरह से और ठीक तरह से घूमा जा सकता है। 

मथुरा वृन्दावन 

आइये इसको डे वाइज समझते हैं। 

Day - 1 Mathura Gokul 

जब आप मथुरा वृन्दावन आएं तो सबसे पहले आपको मथुरा घूमना चाहिए। मथुरा को एक दिन में कवर किया जा सकता है।  मथुरा दर्शन में सबसे पहले आपको शुरुआत यमुना दर्शन करके करनी चाहिए।

सुबह सुबह मथुरा के विश्राम घाट पर पहुंचें।  यमुना दर्शन के बाद पास ही स्थित प्रसिद्ध द्वारिकाधीश मंदिर जाएँ और दर्शन करें। मंदिर 6.30  से 10. 30 तक खुलता है।  ये रहा आपका सुबह का कार्यक्रम।

दोपहर में  मथुरा वृन्दावन के सभी मंदिर बंद रहते हैं।  इसलिए दोपहर में या तो आराम करें या गोकुल चले जाएँ वहाँ  5-6  बजे तक रहें और इसके बाद मथुरा श्री कृष्ण जन्म स्थान पर आ जाएँ।  यह शाम को 4 से 8 बजे तक खुलता है।

श्री कृष्ण जन्म स्थान पर 2-3 घंटे बिताएं।   इतने में रात्रि के 9 बज जायेंगे। खाना पीना खाएं और अपने होटल या धर्मशाला में आराम करें। श्री कृष्ण जन्म स्थान पर भोजन आदि के लिए अनेक भोजनालय हैं। 

Day - 2 Vrindavan 

दूसरे दिन में आप वृन्दावन को कवर करें।  वृन्दावन मथुरा से १२ कम की दूरी पर है।  सुबह सुबह स्नान आदि से निवृत होकर सीधे श्री बांके बिहारी मंदिर पहुंचें। मथुरा वृन्दावन में सबसे ज्यादा श्रद्धालु यही आते हैं।

श्री बांके बिहारी मंदिर यह मंदिर 8 बजे से 12 बजे तक खुला रहता है। यंहा दर्शन करने के बाद वृंदावन में ही स्थित निधिवन पहुंचें। और यहां के रहस्य को समझें। रंग जी मंदिर के दर्शन करें।  इतने में ही आपको १२ बज जायेंगे।  

वृन्दावन में 12 से 4 बजे तक सभी मंदिर बंद रहते हैं। इस दौरान आप भोजन आदि करके आराम कर सकते है।इसलिए दोपहर में वृन्दावन में घूमने लायक कुछ नहीं होता। दोपहर में आप अपने होटल या धर्मशाला में आराम करें यही अच्छा है। 

अब शाम को 3.30 बजे पुनः मंदिर दर्शन के लिए निकल सकते हैं। इस बार आपको छटीकरा से वृन्दावन मार्ग स्थित  सभी मंदिरों को घूमना चाहिए। इसकी शुरुआत आप अक्षय पात्र से कर सकते हैं। इसके बाद प्रेम मंदिर और अंग्रेजों के मंदिर को दर्शन करना चाहिए। 

इतने में  ही आपको रात्रि का 8 -9 बज जायेगा।  डिनर लेने के बाद होटल धर्मशाला में आराम करें। 

Day -3 Govardhan, Barsana 

तीसरे दिन की शुरुआत आप गोवर्धन पहुचकर कर सकते हैं।  गोवर्धन मथुरा से 21 KM  की दूरी पर है। गोवर्धन पंहुचकर सबसे पहले दानघाटी मंदिर पर गिर्राज जी के दर्शन करें। दूध पुष्प चढ़ाकर पूजा करें।

इसके बाद गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करें। यह परिक्रमा २१ किलोमीटर की है और पैदल ही करनी है।   लोग पैदल ही 21  किमी की परिक्रमा करते हैं और कुछ तो लेटकर इस परिक्रमा को पूरा करते हैं।

लेकिन कुछ लोगों ने अपने शरीर को इतना कमजोर बना लिया है या खा खा के बहुत अधिक विशालकाय हो गए हैं।   वे अपने शरीर को लेकर चलने में असमर्थ हैं, उनको ढ़ोने के लिए यंहा रिक्शा हैं।  वे रिक्शा में उस विशालकाय शरीर को रखकर परिक्रमा कर सकते हैं। वैसे तो लाखों की संख्या में लोग यंहा पैदल ही परिक्रमा लगाते है। 

दोपहर में गोवर्धन में रहकर ४ बजे बरसाना की ओर चले जाइये। गोवर्धन से बरसाना 15 किलोमीटर है। बरसाना पहुंचकर सबसे पहले राधा रानी के मंदिर पहुंचें।   वहां दर्शन करें।  पास ही बने कुशल बिहारी के मंदिर जाएँ। इसके बाद कृपालु महाराज द्वारा बनाये  कीर्ति मंदिर में जाकर वंहा के मनोरम दृश्यों का आनंद उठाये। 
बरसाना से छाता होकर वापस मथुरा आ जाएँ।  मथुरा पहुंचने में आपको रात्रि के 10  बज जायेंगे।  
आकर अपने होटल में विश्राम करें। 

इस प्रकार आपने मथुरा वृन्दावन के लगभग सभी प्रमुख स्थानों को घूम लिया दर्शन कर लिया।  इस टूर को अपनाकर आप मथुरा वृन्दावन को अच्छी तरह से घूम सकते हैं। 

यदि यह जानकारी आपको अच्छी लगी तो कृपया शेयर कर दीजिये।  


सोमवार

Mathura Vrindavan Question And Answer

What Is Famous For Mathura?

Mathura Is famous for birthplace of lord krishna


Is Mathura Vrindavan same?

No,  Mathura Vrindavan is not same.


How long does it  take to visit Mathura and Vrindavan

30 Minuts


Why Is Vrindavan Famous?

Vrindavan is a town and famous for temples. This place is land of god.


Whate is famous food of Mathura?

Sweet PEDA of mathura is famous all over the world. Kachori Jalebi is the common breakfast combination


which River Flows in Mathura?

Ans Yamuna River


Is it better to stay in mathura or vrindavan

Ans. Both but vrindavan is 12KM from Mathura junction.


How far vrindavan from Mathura

12 Km   


when shoud i visit in Mathura?

October to April


What should I buy from Mathura?

Peda, Lord krishna Related Articles


What is the speciality of Mathura

Mathura is a pilgrim center and birth place of lord krishna


Which sweet is famous in Mathura?

Peda of Mathura


Is Mathura worth visiting?

100%


How do I Plan my Mathura Vrindavan Trip



How far is Agra from Mathura?
60 KM


How far is Vrindavan from Mathura railway station

12 KM


is Ola available in Mathura

yes


Who Destroyed Mathura temple

Aurangjeb


How Can i explore Mathura



is vrindavan and Gokul same?

No

What Language is spoken in Mathura?

Hindi

How can i go to Mathura Vrindavan from Delhi?

Yamuna expressway & NH2

How can i go to Vrindavan from Noida?

Yamuna Express Way And by Train to Mathura Jn.

How can i visit Mathura in One day


radha krishna



How can i visit in Mathura



District Mathura Jila Mathura Uttar Pradesh

About Mathura District

Mathura is a city of Uttar Pradesh State. it is located of approximately 60km north of Agra, 145 km south east of delhi, about 11 km of vrindavan,  21 km from govardhan, 60 km from Aligarh. 
In 2011 census of india estimated the population of Mathura to be 2547000 

Mathura is the birth place of lord krishna called shri krishna janm bhumi. Keshav dev temple is the anciant temple of Mathura. shri Bankey Bihari temple of Vrindavan Is the very Famous temple of Mathura.

Mathura At a Glance

Area 3340Sq. KM
Population 2547000 census 2011of India
Male 1367000
Female 1180000
Language hindi, Braj bhasha
Village 880

Tahsil of Dist. Mathura

  1. Mathura
  2. Mant
  3. Govardhan
  4. Chhata
  5. Mahavan

Municipal Corporation of District Mathura

  1. Mathura Vrindavan Nagar Nigam
  2. Nagar Panchayat Govardhan
  3. Nagar Panchayat Raya
  4. Nagar Palika Kosi kala
  5. Nagar Panchayat Sonkh
  6. Nagar Panchayat Radhakund
  7. Nagar Panchayat Chaumuha
  8. Nagar Panchayat Chhata 
  9. Nagar Panchayat Farah 
  10. Nagar Panchayat Govardhan
  11. Nagar Panchayat Mahavan
  12. Nagar Panchayat Nandgaon
  13. Nagar Panchayat Barsana
  14. Nagar Panchayat Baldeo

Mathura STD Code

0565

Mathura Pin Code

281001

Dm Mathura Mobile number

9454417512

SSP Mathura Mobile Number

9454400298


Who is ssp of mathura and mobile number

SSP Mathura UP

Mr. Gorav Grover is SSP oF Mathura

Mobile Number Of mathura ssp

9454400298 is the mobile number of ssp mathura up

Office Address of ssp Mathura

SSP office, civil lines Mathura

Designation

SSP Mathura


मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर हैं जो कि  २०१३ को आईपीएस अधिकारी बने थे वर्तमान दिनांक  21.02.20  से  मथुरा के एसएसपी  हैं। 


रविवार

Who Is DM Mathura, Mathura ka DM Kon Hai

DM OF Mathura

मथुरा के  डीएम श्री सर्वज्ञ राम मिश्रा हैं DM Of mathura is Mr. Sarvagy ram Misra Hain

What Is the mobile no. of DM Mathura

dm mathura mobile number is 9454417512
FAX number of mathura dm 05652404613

Office Address Of mathura dm

Collectorate Mathura


शनिवार

अक्षय तृतीया पर श्री बांके बिहारी जी के चरण दर्शन साल में एक बार ही होते है

Akshay Tratiya kab hai अक्षय तृतीया कब है 

26  अप्रैल 2020  को अक्षय तृतीया है। साल में एक बार ही ठाकुर श्री बांके बिहारी जी के चरण दर्शन अक्षय तृतीया को होते हैं। लेकिन इस बार लॉक डाउन होने की वजह से भक्तों को चरण दर्शन नहीं हो पाएंगे।

akhaya tratiya charan darshan vrindavan
अक्षय तृतीया चरण दर्शन 

वृंदावन का सबसे बड़ा पर्व है अक्षय तृतीया 


साल में एक बार श्री बांके बिहारी जी के चरण दर्शन के लिए वृन्दावन में ऐसी भीड़ उमड़ती है कि व्यवस्थाएं संभाले नहीं संभालती। इस बार लॉक डाउन के कारण भक्तों को अपने आराध्य के चरण दर्शन नहीं हो सकेंगे। 

काफी वर्ष पूर्व स्वामी श्री हरिदास ने बद्रीनाथ जाते हुए लोगों को रोक कर कहा कि मैं तुम्हें वृन्दावन में ही विशेष दर्शन कराता हूँ। उन्होंने बांके बिहारी जी का श्रंगार करके अलौकिक चरणों के दर्शन कराये तो सभी स्तब्ध रह गए।  उसी दिन से यह चरण दर्शन की परंपरा चली आ रही है।

मथुरा वृन्दावन  Click Here

Mathura Vrindavan Ke Mandir मथुरा वृंदावन के मंदिरों की सम्पूर्ण जानकारी

देश विदेश के लोगों को मथुरा वृंदावन के बारे में सही जानकारी मिलती रहे, आप लोंगों को कैसे पूरे मथुरा वृन्दावन के दर्शन करने है, कैसे घूमना है, सम्पूर्ण जानकारी यंहा मिल जाएगी। 

मथुरा Mathura

श्री कृष्ण का जन्म स्थान

 Shri Krishn Janmsthan


मथुरा में भगवान श्री कृष्ण का जन्म स्थान है। श्री कृष्ण जन्म स्थान देश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में एक धार्मिक स्थल के रूप में माना जाता है।

यह स्थान प्राचीन काल का स्थान तो है ही, लेकिन इसका जीर्णोद्धार पंडित मदन मोहन मालवीय जी की प्रेरणा से किया गया। देश-विदेश से हजारों की संख्या में लोग यहां दर्शन करने के लिए प्रतिदिन आते हैं।

श्री कृष्ण जन्म स्थान के खुलने का समय Shri Krishna Janmsthan kulne ka samay

यह वह स्थान है जंहा भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था। यह स्थान मथुरा शहर के लगभग मध्य में है। 

ग्रीष्मकाल
प्रातः 5.00 -12:00 सांय 4.00 - 9.00

शीतकाल
प्रातः 6.00 -12:00 सांय 3.00 - 8.00


Mathura Dwarikadhish ji Ka Mandir मथुरा द्वारकाधीश जी का मंदिर


मथुरा में द्वारकाधीश जी का मंदिर यमुना के पास है। यंहा पर प्रतिदिन बहुत बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने आते हैं और द्वारकाधीश जी मंदिर के पास यमुना जी का भी दर्शन करते हैं। 



श्री द्वारकाधीश मन्दिर खुलने का समय

ग्रीष्मकाल
प्रातः 6.30 -10:30 सांय 3.30 - 6.30
शीतकाल
प्रातः 6.30 -10:30 सांय 3.30 - 6.30


यमुना जी की आरती मथुरा Yamunaji Ki Arti

ग्रीष्म काल
सायं 5 से 7 बजे तक

शीतकाल
सायं 4 से 7 बजे तक

Yamuna ji 

वृंदावन Vrindavan

यह मथुरा से 12 km दूर है। वृंदावन में श्रद्धालुओं की बहुत अधिक भीड़ बनी रहती है। देश-विदेश के श्रद्धालु यहां आते रहते हैं और कुछ तो यहां स्थाई रूप से बस गए हैं। वृंदावन में बांके बिहारी जी के मंदिर में दर्शन करने वालों की संख्या सबसे ज्यादा होती है।

उसके बाद वृंदावन में अनेक मंदिर हैं जहां लोग दर्शन करने जाते हैं और सबको जाना भी चाहिए। जैसे प्रेम मंदिर, अंग्रेजों का मंदिर, अक्षय पात्र चंद्रोदय मंदिर, रंग जी का मंदिर, निधि वन, प्रियाकांत जू मंदिर का दर्शन करते हैं। सभी मंदिर सुबह शाम खुलते हैं दोपहर में बंद रहते हैं।


bihari ji 

वृन्दावन में मंदिरों के खुलने का समय Vrindavan me mandiron ke khulne ka samay


श्री बाँके बिहारी मन्दिर Shri Bankey Bihari Mandir Vrindavan 

वृन्दावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करने वालों की संख्या सबसे अधिक होती है। 
ग्रीष्मकाल
प्रातःकाल 7.45 -12:00 सांय 5.30 - 9.00

शीतकाल
प्रातःकाल 8.45 -1:00 सांय 4.30 - 8.30



Prem Mandir, Vrindavan 


प्रेम मन्दिर Prem Mandir

यह छटीकरा से वृन्दावन मार्ग पर पड़ता है। इसे कृपालु जी महाराज ने बनवाया था। यह बहुत ही भव्य बना हुआ है। 

ग्रीष्मकाल
प्रातः 6.00 -12:00 सांय 5.00 - 8.30

शीतकाल
प्रातः 8.00 -1:00 सांय 4.00 - 8.00



mathura ka veshno devi dham
Shri veshno devi dham Mathura

वैष्णो देवी मन्दिर Veshno Devi ka Mandir


यह छटीकरा से वृन्दावन मार्ग पर पड़ता है। यंहा वैष्णो देवी माता की विशाल प्रतिमा बानी हुई है।  जैसा कि आप ऊपर दिए चित्र में देख सकते हैं। 
ग्रीष्मकाल
प्रातःकाल 6.00 -12:00 सांय 5.00 - 8.30 


शीतकाल
प्रातःकाल 6.00 -1:00 सांय 4.00 - 8.0



iscon temple of Mathura
Iscon Temple

अंग्रेजों का मन्दिर Iscone temple

यहां पर अंग्रेजों की संख्या बहुत अधिक रहती है।  अंग्रेज लोग यहां कृष्णा भक्ति में नाचते झूमते हैं। शाम के समय यहां का दृश्य बहुत ही मनोहारी हो जाता है।  यह छटीकरा से वृन्दावन मार्ग पर पड़ता है।

ग्रीष्मकाल
प्रातःकाल 7.30 -12:45 सांय 4.30 - 8.30

शीतकाल
प्रातःकाल 7.30 -12:30 सांय 4.00 - 8.00





Priya Kant Ju Mandir

श्री प्रियाकांत जू मन्दिर Priyakant ju Mandir

इस मंदिर का निर्माण ठाकुर देवकीनंदन महाराज ने करवाया था। यह मंदिर कमल के आकार का बना हुआ है। इस मंदिर में राधा कृष्ण की युगल छवि के दर्शन होते हैं।  यह छटीकरा से वृन्दावन मार्ग पर पड़ता है

ग्रीष्मकाल
प्रातःकाल 5.00 -12:00 सांय 5.00 - 9.00

शीतकाल
प्रातःकाल 6.00 -12:00 सांय 4.00 - 8.00




vrindavan me nidhivan
Nidhivan

श्री निधिवन मन्दिर Nidhivan Mandir

निधिवन वह स्थान है जो श्री बांके बिहारी जी का प्राकट्य स्थल है। यंहा आज भी रात्रिकाल में कोई नहीं रहता है। यहां आज भी श्रीकृष्ण रास लीला के लिए प्रतिदिन आते हैं। 
ग्रीष्मकाल
प्रातःकाल 6.00 -12:30 सांय 5.30 - 8.00

शीतकाल
प्रातःकाल 6.00 -12:00 सांय 4.00 - 7.00




goverdhan parikrama
Govardhan 

गोवर्धन - GOVERDHAN


गोवर्धन में गिरिराज जी का दान घाटी मंदिर है, जहां लोग दर्शन करते हैं।इसके अलावा गोवर्धन पर्वत और राधा कुंड की परिक्रमा करते हैं। 

भगवान श्री कृष्ण ने द्वापर में बृजवासियों को इन्द्र के प्रकोप से बचाने के लिये गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठ अंगुली पर उठाया था।

गोवर्धन पर्वत को भक्तजन गिरिराज जी भी कहते हैं। यहां पर दो प्रमुख मंदिर हैं जिनके दर्शन का समय निम्न है।


goverdhan parikrama
Danghati Mandir

श्री दानघाटी मन्दिर

ग्रीष्मकाल
प्रातःकाल 5.50 -12:30 सांय 4.30 - 8.30

शीतकाल
प्रातःकाल 7.30 -12:30 सांय 4.00 - 8.30

श्री मुखारविंद जतीपुरा

ग्रीष्मकाल
प्रातःकाल 7.30 -12.30 सांय 4.00 - 8.30
शीतकाल
प्रातःकाल 7.30 -12.30 सांय 4.00 - 8.30



बरसाना Barsana

यहां राधा रानी जी का मंदिर है और राधा जी का गांव है । दुनिया भर की सबसे मशहूर होली ब्रज में बरसाने में ही होती है जिसे लठमार होली कहते हैं। 

बरसाने में दो मंदिर प्रमुख है नंबर एक पर राधा रानी जी का मंदिर दूसरे नंबर पर कीर्ति मंदिर कृपालु महाराज जी का बनाया हुआ है जो बहुत ही भव्य है।

Barsana 


बरसाना के मंदिरों के दर्शन का समय


राधा जी का मंदिर बरसाना Radha Rani Temple Timings

यह मंदिर ऊँची पहाड़ी पर स्थित है जैसा की आप चित्र में देख रहे हैं। 
ग्रीष्मकाल
प्रातःकाल 5.00-12:30 सांय 4.30 - 8.30

शीतकाल
प्रातःकाल 5.00-12:30 सांय 4.30 - 8.30




barsane ka kirti mandir
 Kirti Mandir Barsana

कीर्ति मन्दिर, बरसाना Kirti Mandir Barsana

यह बरसाना में स्थित मंदिर बहुत ही भव्य बना हुआ है। इसे कृपालु जी महाराज ने बनवाया था। यह मंदिर राधा जी को समर्पित है। 
ग्रीष्मकाल
प्रातःकाल 7.45 -12:00 सांय 5.30 - 9.00

शीतकाल
प्रातःकाल 8.45 -1:00 सांय 4.30 - 8.30



गोकुल Gokul


गोकुल में भगवान श्री कृष्ण बचपन में रहे थे गोकुल भी दर्शन करने जाते हैं। यमुना नदी के एक तरफ गोकुल है और एक तरफ मथुरा, यंहा भगवान श्रीकृष्ण ने 11 साल एक महीना और 22 दिन रहे थे।


Gokul 

मंदिरों के दर्शन का समय

ग्रीष्मकाल
प्रातः 7.00 -10.30 सांय 3.00 - 8.30

शीतकाल
प्रातः 7.00 -10.30 सांय 3.00 - 8.30



बलदेव Baldev

गोकुल से थोड़ा आगे बल्देव है। जहां दाऊजी का मंदिर है भगवान श्री कृष्ण के बड़े भाई बलदाऊ जी यंहा पर भव्य मंदिर है।


Dau baba Ka Mandir Baldev 

मंदिरों के दर्शन का समय
ग्रीष्मकाल
प्रातः 6.00 -11:00 सांय 4.00 - 9.00

शीतकाल
प्रातः 7.00 -12:00 सांय 3.00 - 8.00



कहां ठहरे

मथुरा में ठहरने के लिए अनेक होटल और धर्मशालाएं हैं सस्ती से लेकर महंगी तक। होटलों की भरमार है।



मथुरा वृंदावन में आने का कौन सा मौसम ठीक रहता है

मथुरा वृंदावन में आने के लिए आप अक्टूबर से लेकर अप्रैल तक का महीना बहुत अच्छा रहता है। इस मौसम में ना सर्दी होती है ना गर्मी होती है।


आने जाने के लिए मथुरा जंक्शन है। पूरे भारतवर्ष के लिए ट्रेन मिलती है। मथुरा रेलवे स्टेशन ऐसा रेलवे स्टेशन है इसकी कनेक्टिविटी पूरे भारत से है । मथुरा से दो हाईवे जुड़े हुए हैं एक हाईवे है यमुना एक्सप्रेसवे और दूसरा हाईवे है NH2


यदि आप हवाई यात्रा से आना चाहते हैं तो आपको दिल्ली एयरपोर्ट आना पड़ेगा। दिल्ली से मथुरा 150 किलोमीटर की दूरी है। दिल्ली से मथुरा के लिए हाईवे है।

खाने पीने के लिए होटलों की बहुत बड़ी संख्या है। अच्छे होटल और ढावे खाना खाने के लिए उपलब्ध है।


mathura vrindavan Radha krishna
Radha Krishna

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बुधवार

ब्रज के प्रमुख मन्दिरों के नाम एवं दर्शन का समय

Time Table of Mathura Vrindavan Temple

Mathura Vrindavan Ke Mandiro Ki Samay Sarni 


वृन्दावन

श्री बाँके बिहारी मन्दिर

ग्रीष्मकाल
प्रातः 7.45 -12:00 सांय 5.30 - 9.00
शीतकाल
प्रातः 8.45 -1:00 सांय 4.30 - 8.30



प्रेम मन्दिर

ग्रीष्मकाल
प्रातः 6.00 -12:00 सांय 5.00 - 8.30

शीतकाल
प्रातः 8.00 -1:00 सांय 4.00 - 8.00



वैष्णो देवी मन्दिर

ग्रीष्मकाल
प्रातः 6.00 -12:00 सांय 5.00 - 8.30
शीतकाल
प्रातः 6.00 -1:00 सांय 4.00 - 8.00



श्री राधा वल्लभ मन्दिर

ग्रीष्मकाल
प्रातः 7.00 -12:00 सांय 6.30 - 9.00
शीतकाल
प्रातः 7.00 -12:00 सांय 6.30 - 9.00



श्री राधा रमण मन्दिर

ग्रीष्मकाल
प्रातः 5.00 -12:15 सांय 6.00 - 9.00
शीतकाल
प्रातः 5.00 -12:15 सांय 6.00 - 9.00



श्री रंग नाथ जी मन्दिर


ग्रीष्मकाल
प्रातः 8.00 -11:30 सांय 4.30 - 6.00

शीतकाल
प्रातः 8.00 -11:30 सांय 3.00 - 6.00



इस्कॉन टेंपल

ग्रीष्मकाल
प्रातः 7.30 -12:45 सांय 4.30 - 8.30
शीतकाल
प्रातः 7.30 -12:30 सांय 4.00 - 8.00



श्री कात्यायनी पीठ

ग्रीष्मकाल
प्रातः 7.00 -11:00 सांय 5.30 - 8.30
शीतकाल
प्रातः 7.00 -12:30 सांय 5.30 - 8.30



श्री गोविंद देव मन्दिर

ग्रीष्मकाल
प्रातः 8.00 -11:00 सांय 5.00 - 8.00
शीतकाल
प्रातः 9.00 -11:30 सांय 5.00 - 8.30 



श्री निधिवन मन्दिर

ग्रीष्मकाल
प्रातः 6.00 -12:30 सांय 5.30 - 8.00
शीतकाल
प्रातः 6.00 -12:00 सांय 4.00 - 7.00



श्री सेवा कुंज मन्दिर

ग्रीष्मकाल
प्रातः 7.00 -12:00 सांय 6.30 - 9.00
शीतकाल
प्रातः 7.00 -12:00 सांय 4.30 - 6.00



श्री शाह जी मन्दिर

ग्रीष्मकाल
प्रातः 9.00 -12:00 सांय 6.00 - 9.00
शीतकाल
प्रातः 9.00 -12:00 सांय 6.00 - 9.00



श्री राधादामोदर मन्दिर

ग्रीष्मकाल
प्रातः 8.30 - 12.30 सांय 5.30 - 9.30
शीतकाल
प्रातः 8.30 -12:00 सांय 5.00 - 8.00



श्री प्रियाकांत जू मन्दिर

ग्रीष्मकाल
प्रातः 5.00 -12:00 सांय 5.00 - 9.00
शीतकाल
प्रातः 6.00 -12:00 सांय 4.00 - 8.00



श्री गोदा विहार मन्दिर

ग्रीष्मकाल
प्रातः 8.00 -12:30 सांय 4.00 - 8.30
शीतकाल
प्रातः 8.00 -12:00 सांय 4.00 - 8.00



मंदिर श्री टटिया स्थान

ग्रीष्मकाल
प्रातः 8.30 -12:00 सांय 5.30 - 8.30
शीतकाल
प्रातः 8.00 -12:30 सांय 3.00 - 8.00



श्री पागल बाबा मन्दिर

ग्रीष्मकाल
प्रातः 8.00 -12:30 सांय 4.00 - 8.30
शीतकाल
प्रातः 8.00 -12:30 सांय 4.00 - 8.30



श्री बिरला मन्दिर

ग्रीष्मकाल
प्रातः 8.00 -12:30 सांय 4.30 - 8.30
शीतकाल
प्रातः 8.30 -12:30 सांय 4.00 - 8.30



मथुरा श्री कृष्ण जन्म स्थान

ग्रीष्मकाल
प्रातः 5.00 -12:00 सांय 4.00 - 9.00
शीतकाल
प्रातः 6.00 -12:00 सांय 3.00 - 8.00



श्री द्वारकाधीश मन्दिर

ग्रीष्मकाल
प्रातः 6.30 -10:30 सांय 3.30 - 6.30
शीतकाल
प्रातः 6.30 -10:30 सांय 3.30 - 6.30 



यमुना आरती दर्शन

ग्रीष्मकाल
सांय 5.00 - 7.00
शीतकाल
सांय 4.00 - 6.00



श्री गोपेश्वर महादेव मन्दिर

ग्रीष्मकाल
प्रातः 7.00 -12:30 सांय 4.30 - 8.30
शीतकाल
प्रातः 7.30 -12:00 सांय 4.30 - 8.30



गोवर्धन

श्री दानघाटी मन्दिर

ग्रीष्मकाल
प्रातः 5.50 -12:30 सांय 4.30 - 8.30
शीतकाल
प्रातः 7.30 -12:30 सांय 4.00 - 8.30



श्री मुखारविंद जतीपुरा

ग्रीष्मकाल
प्रातः 7.30 -12.30 सांय 4.00 - 8.30
शीतकाल
प्रातः 7.30 -12.30 सांय 4.00 - 8.30



नंदगांव

श्री नंद बाबा मन्दिर

ग्रीष्मकाल
प्रातः 7.00 -1:00 सांय 3.00 - 9.00
शीतकाल
प्रातः 7.00 -1:00 सांय 3.00 - 9.00



बरसाना

श्रीजी मंदिर

ग्रीष्मकाल
प्रातः 5.00-12:30 सांय 4.30 - 8.30
शीतकाल
प्रातः 5.00-12:30 सांय 4.30 - 8.30



कीर्ति मन्दिर

ग्रीष्मकाल
प्रातः 7.45 -12:00 सांय 5.30 - 9.00
शीतकाल
प्रातः 8.45 -1:00 सांय 4.30 - 8.30



श्री शनि देव मन्दिर कोकिलावन

ग्रीष्मकाल
प्रातः 5.00 -12.30 सांय 4.00 - 8.00
शीतकाल
प्रातः 5.00 -12.30 सांय 4.00 - 8.00



श्री गोकुल

मथुरा श्री रमणरेती आश्रम

ग्रीष्मकाल
प्रातः 7.00 -10.30 सांय 3.00 - 8.30
शीतकाल
प्रातः 7.00 -10.30 सांय 3.00 - 8.30



श्री दाऊजी

ग्रीष्मकाल
प्रातः 6.00 -11:00 सांय 4.00 - 9.00
शीतकाल
प्रातः 7.00 -12:00 सांय 3.00 - 8.00


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मंगलवार

Hanuman Jayanti kab hai जानिए कब है हनुमान जयंती

hanuman jayanti kab hai
Hanuman Jayanti

हनुमान जयंती 8 अप्रैल दिन बुधवार को मनाई जा रही है।


हनुमान जयंती चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को होती है।

चैत्र मास की पूर्णमासी के दिन हनुमान जी का जन्म हुआ था। इस बार हनुमान जयंती 8 अप्रेल दिन बुधवार को है।

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गुरुवार

राम नवमी तिथि 2 अप्रैल 2020

राम नवमी कब है ?

राम नवमी हर साल चैत्र माह की शुक्‍ल पक्ष की नवमी को मनाई जाती है. यह पर्व हर साल मार्च या अप्रैल महीने में आता है. इस बार 2020 में राम नवमी 2 अप्रैल को है.

राम नवमी तिथि प्रारंभ: 2 अप्रैल 2020 को सुबह 3 बजकर 40 मिनट से

राम नवमी तिथि समाप्‍त: 3 अप्रैल 2020 को सुबह 2 बजकर 43 मिनट तक

  
sri ram with bow
Ram Navami

क्यों मनाई जाती है राम नवमी

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जन्म त्रेतायुग में चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था, इसलिए हर वर्ष इस तिथि को राम नवमी या राम जन्मोत्सव के रूप में मनाते हैं। आज के दिन अयोध्या समेत पूरे भारत में राम नवमी का उत्सव और आनंद होता है। भगवान विष्णु ने रावण के वध के लिए त्रेतायुग में अयोध्या के राजा दशरथ के घर राम अवतार लिया। राजा दशरथ की बड़ी पत्नी कौशल्या ने राम को जन्म दिया।

राम नवमी व्रत एवं पूजा विधि

राम नवमी के दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है है. इस दिन मर्यादा पुरुषोत्तम राम के लिए उपवास रखते हैं. घरों में रामलाल को पालने में झुलाया जाता है इसी दिन चैत्र नवरात्रि का नौवां यानी कि अंतिम दिन होता है जिसका समापन कन्‍या पूजन के साथ किया जाता है. कहा जाता है कि राम नवमी के दिन भगवान राम की विधि-विधान से पूजा करने पर मोक्ष की प्राप्‍ति होती है.

- ब्रह्म मुहूर्त में स्‍नान कर स्‍वच्‍छ वस्‍त्र धारण करें.

- अब भगवान राम का नाम लेते हुए व्रत का संकल्‍प लें.

- अब घर के मंदिर में राम दरबार की तस्‍वीर या मूर्ति की स्‍थापना कर उसमें गंगाजल छिड़कें.

- अब तस्‍वीर या मूर्ति के सामने घी का दीपक जलाकर रखें.

- फिर भगवान श्रीराम का अक्षत्, रोली, चंदन, धूप, गंध आदि से षोडशोपचार पूजन करें।

- अब रामलला की मूर्ति को पालने में बैठाएं.

- अब रामलला को स्‍नान कराकर वस्‍त्र और माला पहनाएं.

- इसके बाद रामलला को फल, मेवे और मिठाई, बर्फी, केसर समर्पित करें.

- खीर का भोग लगाना अति उत्तम माना जाता है.

- अब रामलला को झूला झुलाएं.

- इसके बाद धूप-बत्ती से उनकी आरती उतारें.

- आरती के बाद रामायण और राम रक्षास्‍त्रोत का पाठ करें.

- अब नौ कन्‍याओं को घर में बुलाकर उनको भोजन कराएं. साथ ही यथाशक्ति उपहार और भेंट देकर विदा करें. ब्राह्मण को दान-दक्षिणा दें

- इसके बाद घर के सभी सदस्‍यों में प्रसाद बांटकर व्रत का पारण करें.

राम नवमी के दिन व्रत रखने और विधि विधान से पूजा करने पर व्यक्ति की समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। रामरक्षा स्तोत्र का पाठ करने से सभी कष्टों का निवारण हो जाता है।

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Mathura Vrindavan

ठाकुर बाँके बिहारी जी का मंदिर खुला, डेढ़ हजार भक्तों ने किए पहले दिन दर्शन

वृंदावन में ठाकुर बांके बिहारी जी मंदिर को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया है।  मंदिर के बाहर और अंदर कोविड-19 के नियमो...