सोमवार

Mathura Important Contact Numbers and Informations

मथुरा के मोबाईल नंबर्स जिनकी अक्सर लोगों को जरुरत पड़ती रहती है

1  .यदि आपके घर के चूल्हे, चिमिनी कूलर पंखा मिक्सी फ्रिज ए सी वाशिंग मशीन या कोई इलेक्ट्रॉनिक आयटम ख़राब हो गया है या  हैं तो उसकी सर्विस करने के लिए या ठीक करने के लिए कॉल करें।
 Mobile-8755449191, WhatsApp -8193055455 कृष्णा नगर,मथुरा

2 यदि आपको मथुरा के किसी भी हॉस्पिटल का नंबर चाहिए तो

नयति हॉस्पिटल
NH 2 मथुरा  - 7088115651

शर्मा हॉस्पिटल _9319332238
डॉ आदेश शर्मा (हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ )
डॉ प्रियंका शर्मा (नेत्र रोग विशेषज्ञ )

मेहता नर्सिंग होम और मैटरनिटी हॉस्पिटल
डॉ गीता मेहता 0565242292, 9837022156,  983708809
वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ
कृष्णा नगर, मथुरा

विपिन नर्सिंग होम
हृदय वक्ष एवं उदर रोग विशेषज्ञ
कृष्णा नगर, मथुरा
फोन: 0565-2425215
9675544944 , 9937088809

स्माइल डेंटल केयर
डॉ चेतन सिंह चौधरी
कृष्णा नगर मथुरा
095575 59005

अग्रवाल लाइफ लाइन अस्पताल
कामधेनु नगर, औरंगाबाद
मथुरा
फोन नं .: 7500246612, 9837181828, 9837038481

माइंड केयर क्लिनिक
डा रणजीत सिंह
कृष्णा नगर, मथुरा
9997257487

स्पंदन केयर मथुरा
जयसिंह पुरा, वृंदावन रोड,
मथुरा
फोन नंबर: 9359739022, 565-2530525, 3249122

डीप नर्सिंग होम
चाइल्ड केयर
कृष्णा नगर मथुरा
05622421074

BRIJ चिकत्स संस्थान
दरेसी रोड, मथुरा
फोन नंबर: 9760005954
2  इमर्जेंसी में एम्बुलेंस के नम्बर

3 मथुरा के समस्त स्कूल कॉलेज के नंबर 

4 किसी भी क़ानूनी सहायता के लिए मथुरा के प्रमुख वकीलों ( एडवोकेट्स) के नम्बर
मथुरा का नक्शा 
5 मथुरा जिले के जनप्रधिनिधियों के नम्बर
5 जिला प्रशासन के महत्वपूर्ण नम्बर
6 पुलिस प्रशासन के नम्बर 
मथुरा पुलिस हेल्प लाइन
7  कंही पर आग लगने की घटना पर फायर ब्रिगेड का नम्बर
8 मथुरा के होटलों के नंबर जंहा आप कोई कार्यक्रम जैसे बर्थडे एनिवर्सरी या मैरिज या रूम बुक  आदि के लिए
9 मथुरा के रेस्टोरेन्ट
बंसल फूड्स,
अग्रवाल रेस्टोरेंट
वाह जी वाह
10 समाचार पत्रों के ऑफिस का नम्बर
11
12 टैक्सी बस आदि किराये पर लेने के लिए टूर एंड ट्रेवेल्स
13 आपको अपनी बैंक से कोई जानकारी लेने हो तो मथुरा की बैंक के नम्बर
14 बस स्टैंड
15 रेलवे स्टेशन
16 पोस्ट ऑफिस मथुरा
17 प्रमुख मेडिकल स्टोर
18 कपड़ों के शोरूम
19 मोबाइल कंपनियों के कस्टमर केयर
20 एडवरटाइजिंग एजेंसी अख़बार होर्डिंग
होर्डिंग बोर्ड, ग्लोसाइन
21 परचूनी का सामान घर मंगाने के लिए
22 सब्जी घर मंगाने के लिए
23 मथुरा के मंदिरों के बारे में सम्पूर्ण जानकारी
24 नगरपालिका मथुरा वृन्दावन
25 साल 2020 के प्रमुख त्योहार व दिनांक
26 कथा भागवत
27 देवी जागरण के लिए
28 वीडियो ग्राफर्स फोटोग्राफर्स
29 सोफे रिपेयर सोफे ड्राई क्लीन
जितेंद्र सोफा रिपेयर  7017167803
सोफे ड्राई क्लीनर्स

30 ड्राई क्लीनर्स
31 प्रमुख मिठाई शॉप
बृजवासी मिठाई वाला
शंकर मिठाई वाला 9997590022
यादव मिठाई
रमन 

32 बीमा कम्पनी
33 मथुरा की प्रमुख कार एजेंसी
34 मॉड्यूलर किचिन बनवाना चाहते
     किचिन जंक्शन, कृष्णा नगर  मथुरा
    Contact - 8755449191
35 बर्थडे केक आदि





यदि आप कोई नंबर लिखना चाहते हैं या जुड़वाना चाहते हैं  तो कमेंट बॉक्स में लिखें।

रविवार

ऐसे आदमियों से सतर्क रहें, ये आपके आस पास ही होते हैं।

आपने अपने जीवन में अनेक व्यक्ति ऐसे देखे होंगे  जो आपके सामने बड़ी अच्छी बात करेंगे और आपके पीछे से आपके बारे में ऐसे शब्दों का प्रयोग करेंगे जो आप सोच भी नही सकते।
अर्थात आपकी छवि को पूरी तरह से खराब करने की कोशिश करते है। 

ये उनका स्वभाव होता है। प्रवत्ति होती है। वो अपने मन में बहुत ही चतुर बन रहे होते हैं। वो ये समझते हैं उन्होंने बहुत ही बढ़िया कार्य किया है। 

ऐसे व्यक्ति आपको लोंगो से लड़वाएँगे। लोंगो को एक दूसरे के पास नही बैठने देंगे। एक दूसरे के प्रति संबंध खराब कराएंगे। ऐसे लोग दुष्ट प्रकृति के होते हैं। 

हालांकि यह लोग शुरुआत में अपने उद्देश्यों में सफल भी हो जाते हैं। लेकिन बाद में ऐसे लोंगो की बड़ी बेज्यति होती हैं। उन्हें कोई अपने पास नही बैठाता है। क्योंकि कुछ समय के बाद लोंगो को उनके बारे में पता चल जाता है। 

समाज में समय रहते ऐसे दुष्ट लोंगो को पहचान लेना चाहिए। क्योंकि ये लोग रामायण के पात्र मंथरा प्रकति के होते हैं। आप जानते ही हैं मंथरा ने ही राम जी को वनवास करा दिया था। 

ये अलग बात है कि राम जी के वन जाते ही मंथरा का जीवन भी नरक बन गया था।  लेकिन ये सही है कि उसने अपने कृत्यो से राम जी को वनवास तो करा ही दिया।

इस बात से हमें यह सीखने की जरूरत है कि ऐसे लोग हर समय आपके जीवन में आपके आस पास ही होते हैं। अपनी बुद्धि से ऐसे लोगों से बचने की जरूरत है। 

ऐसे दुष्ट व्यक्तियों की पहचान

1. आपके मुह पर ऐसी बात करेंगे कि आपको लगेगा कि इनसे बड़ा आपका कोई हितेषी नही है।
2. आपके पीछे आपकी बुराई करेंगे। आपके बारे में मनगढ़ंत गलत बातें कहकर आपकी छवि खराब करेंगे।
3. आपको आपके प्रिय लोंगो से ही लड़वाएँगे अर्थात जिनसे आपकी दोस्ती है उनके कानों में आपके खिलाफ जहर घोलेंगे।
4. जंहा चार छः आदमी बैठे होंगे वँहा आपकी कोई इज्जत नहीं करेंगे। लेकिन अकेले में आपकी बड़ी चापलूसी करेंगे।
5. हर समय आप पर नजर रखेंगे कि आप क्या कर रहे हो किसके पास बैठ रहे हो। जिसके पास आप बैठ रहो हो, उससे अकेले में जाकर बात करेंगे और उसे आपके खिलाफ  भड़कायेगे।
6. ऐसे दुष्ट लोग पीठ पीछे हर किसी का मजाक बनाएंगे।

ऐसा कार्य करने वाला व्यक्ति बाद में अकेला पड़ जाता है। क्योंकि धीरे धीरे सबको उसके बारे में पता चल जाता हैं। ऐसे आदमी की कोई इज्जत नही रहती। लोग उससे बात करना पसंद नही करते और वह घृणा का पात्र बन जाता है और उससे हर कोई घृणा करता है।

ऐसा उसके साथ इसलिए होता है क्योंकि उसने ऐसा कृत्य किया होता है।


सोमवार

History of Mathura the birthplace of Lord Krishna

Mathura is known as the sacred city of Uttar Pradesh, Northern India . Mathura the birthplace of Lord Krishna and one of the Holiest city of Hindus .

The Yamuna river goes through Mathura and there are 25 Ghats of which Vishram Ghat known as the holiest. This city is located 11 km away from Vrindavan and 22 km away from goverdhan.

History of mathura
History Of Mathura


History of Mathura

If we start from the roots of history of Mathura we find its significance as the birthplace of Lord Krishna who was born in Yadu Dynasty. After this we find that the land was claimed by lavanasur- who was the demon killed by Shatrughan the youngest brother of Ram.

He built this place and named Madhuvan then it was changed to Madhupura and then later to Mathura. Mathura then became very important Centre for trade by 6th century BCE as it became the capital of surasena kingdom, they ruled over Mathura in 6th century BC.

Then in 4th century BCE Mauryas took it from sursena and ruled Mathura. Many archaeologists says that after Maurya Shungas ruled over this city but there was not even a single archeological remains found.

Many says that indo-greeks may have ruled it but it is not confirmed. After this many local rulers ruled Mathura but after the rule of locals, Indo-scythian- group of Iranian people of Saka and scythian origin in first century BCE conquered Mathura they ruled for very short period.

After the rule of Indo- scythians the Kushan Empire formed it's empire in Mathura. During Kushana period Mathura became important city for trades and economic hub.

The great king Kanishka of Kushan dynasty made Mathura their capital. Mathura art and culture now started getting recognition.

Other than Mathura kapisa, purushapura and Takshila were also the capitals of Kushan. After the decline of Kushan empire in 3rd Century the naga dynasty ruled Mathura along with vidisha and Kanti Puri . 

Faixan- Chinese Buddhist monk visited Mathura in 400 CE he has written a little about Mathura he wrote that Buddhism was followed by some people there were no taxes levied on farmers and people there were decent he wrote that no one killed and consumed animals, no one consumed wine and did not eat onion and garlic he found several Buddhist monasteries and Hindu temples too.

 At last in 1018 CE the city was invaded by Mahmud of Ghazni and he destroyed many temples .

In 1489 Sikandar Lodhi ruler of Delhi did the same and he earned the title of "Destroyer of Hindu deities" and then in 1670 the Mughal emperor Aurangzeb attacked Mathura and destroyed the Keshav Dev temple and built the Shahi Eidgah Masjid in its place, currently this is located near janmabhoomi.



बुधवार

Grahan 30 दिनों में पड़ रहे हैं तीन ग्रहण

आगामी 30 दिनों  में तीन ग्रहण  लगेंगे। जून से जुलाई महीने के बीच एक के बाद एक लगातार तीन बड़े ग्रहण पड़ रहे हैं।

Grahan
ग्रहण 

जिसमें पहला  5 जून 2020 को साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. यह एक उपछाया ग्रहण होगा जो भारत समेत एशिया, अफ्रीका और यूरोप में नजर आएगा। 

ग्रहण का समय 5 जून 2020 को लगने वाला चंद्र ग्रहण रात 11 बजकर 15 मिनट से आरंभ होगा और इसका समापन अगले दिन  6 जून को रात 2 बजकर 34 मिनट पर होगा। 

21 जून 2020 को दूसरा चंद्र ग्रहण लगेगा। यह ग्रहण भारत समेत सउदी, साउथ-ईस्ट और एशिया में भी पूर्ण रूप से नजर आने की संभावना है। 

ग्रहण का समय 21 जून को लगने वाला चंद्र ग्रहण सुबह 9 बजकर 15 मिनट आरंभ होगा और दोपहर 2 बजकर 2 मिनट तक रहेगा।  ज्योतिर्विदों  का कहना है कि दोपहर करीब 12 बजे इस ग्रहण का प्रभाव काफी ज्यादा बढ़ जाएगा।  इसलिए इस ग्रहण से काफी ज्यादा संभलकर रहने की जरूरत होगी। 

इसके बाद एक महीने के भीतर लगने वाले तीसरे  ग्रहण की तारीख 5 जुलाई 2020 है।  ये भी एक चंद्र ग्रहण ही है  लेकिन शायद यह भारत में नजर नहीं आएगा।  यह साउथ ईस्ट समेत अफ्रीका और अमेरिका में नजर आ सकता है। 

ग्रहण का समय यह ग्रहण 
5 जुलाई सुबह 8 बजकर 37 मिनट से लेकर सुबह 11 बजकर 22 मिनट तक रहेगा।  सुबह के वक्त चंद्र ग्रहण लगने की वजह से भारत में यह नजर नहीं आएगा।  जिन देशों में उस वक्त रात्रि होगी, यह ग्रहण वहीं नजर आने वाला है। 

ज्योतिष के अनुसार, चंद्र ग्रहण 2020 के शुरु होने से पूर्व अशुभ काल शुरु हो जाता है, इस अशुभ काल को सूतक काल कहा जाता है।  इस समयावधि में किसी भी शुभ कार्य को करने से बचना चाहिए। 

चंद्र ग्रहण के शुरु होने से 3 पहर पहले यानि 9 घंटे पहले यह अवधि शुरु होती है. आपको बता दें कि एक पहर 3 घंटे का होता है. इस दौरान कुछ सावधानियां बरतना जरूरी होता है। 

चंद्र ग्रहण शुरू होने से पहले खाने की सामग्री में तुलसी के पत्ते डालें और तुलसी के पेड़ को ग्रहण के दौरान न छूएं। 

चंद्रग्रहण देखना, सुरक्षित या नहीं?

सूर्य ग्रहण से विपरीत, चंद्र ग्रहण की घटना को नग्न आंखों से देखा जा सकता है। इससे आंखों पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है। 

वैज्ञानिकों के अनुसार साल 2020 में रात्रि के समय चंद्र ग्रहण को आसानी से देखा जा सकता है क्योंकि रात के समय कोई भी हानिकारक किरणें वातावरण में नहीं होंगी। 

धार्मिक रीति-रिवाजों के दौरान ग्रहण काल में कोई भी शुभ कार्य करने की मना की जाती है।  एक महीने में होने वाले इन तीनों ग्रहण पर वैज्ञानिकों और ज्योतिष शास्त्र के विद्वान पूरी तरह से नजर रखे हुए हैं

चंद्र ग्रहण को देखने के लिए आंखों पर कोई सुरक्षा जैसे चश्मा पहनने की भी आवश्यकता नहीं होती। हालांकि गर्भवती महिलाओं को सलाह दी जाती है कि चंद्र ग्रहण के दौरान वो घर से बाहर न निकलें। इससे उनके गर्भ में पल रहे बच्चे पर गलत असर पड़ सकता है। 

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इस ग्रहण का सभी राशियों पर प्रभाव रहेगा।



Mathura Vrindavan

ठाकुर बाँके बिहारी जी का मंदिर खुला, डेढ़ हजार भक्तों ने किए पहले दिन दर्शन

वृंदावन में ठाकुर बांके बिहारी जी मंदिर को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया है।  मंदिर के बाहर और अंदर कोविड-19 के नियमो...