रविवार

ऐसे आदमियों से सतर्क रहें, ये आपके आस पास ही होते हैं।

आपने अपने जीवन में अनेक व्यक्ति ऐसे देखे होंगे  जो आपके सामने बड़ी अच्छी बात करेंगे और आपके पीछे से आपके बारे में ऐसे शब्दों का प्रयोग करेंगे जो आप सोच भी नही सकते।
अर्थात आपकी छवि को पूरी तरह से खराब करने की कोशिश करते है। 

ये उनका स्वभाव होता है। प्रवत्ति होती है। वो अपने मन में बहुत ही चतुर बन रहे होते हैं। वो ये समझते हैं उन्होंने बहुत ही बढ़िया कार्य किया है। 

ऐसे व्यक्ति आपको लोंगो से लड़वाएँगे। लोंगो को एक दूसरे के पास नही बैठने देंगे। एक दूसरे के प्रति संबंध खराब कराएंगे। ऐसे लोग दुष्ट प्रकृति के होते हैं। 

हालांकि यह लोग शुरुआत में अपने उद्देश्यों में सफल भी हो जाते हैं। लेकिन बाद में ऐसे लोंगो की बड़ी बेज्यति होती हैं। उन्हें कोई अपने पास नही बैठाता है। क्योंकि कुछ समय के बाद लोंगो को उनके बारे में पता चल जाता है। 

समाज में समय रहते ऐसे दुष्ट लोंगो को पहचान लेना चाहिए। क्योंकि ये लोग रामायण के पात्र मंथरा प्रकति के होते हैं। आप जानते ही हैं मंथरा ने ही राम जी को वनवास करा दिया था। 

ये अलग बात है कि राम जी के वन जाते ही मंथरा का जीवन भी नरक बन गया था।  लेकिन ये सही है कि उसने अपने कृत्यो से राम जी को वनवास तो करा ही दिया।

इस बात से हमें यह सीखने की जरूरत है कि ऐसे लोग हर समय आपके जीवन में आपके आस पास ही होते हैं। अपनी बुद्धि से ऐसे लोगों से बचने की जरूरत है। 

ऐसे दुष्ट व्यक्तियों की पहचान

1. आपके मुह पर ऐसी बात करेंगे कि आपको लगेगा कि इनसे बड़ा आपका कोई हितेषी नही है।
2. आपके पीछे आपकी बुराई करेंगे। आपके बारे में मनगढ़ंत गलत बातें कहकर आपकी छवि खराब करेंगे।
3. आपको आपके प्रिय लोंगो से ही लड़वाएँगे अर्थात जिनसे आपकी दोस्ती है उनके कानों में आपके खिलाफ जहर घोलेंगे।
4. जंहा चार छः आदमी बैठे होंगे वँहा आपकी कोई इज्जत नहीं करेंगे। लेकिन अकेले में आपकी बड़ी चापलूसी करेंगे।
5. हर समय आप पर नजर रखेंगे कि आप क्या कर रहे हो किसके पास बैठ रहे हो। जिसके पास आप बैठ रहो हो, उससे अकेले में जाकर बात करेंगे और उसे आपके खिलाफ  भड़कायेगे।
6. ऐसे दुष्ट लोग पीठ पीछे हर किसी का मजाक बनाएंगे।

ऐसा कार्य करने वाला व्यक्ति बाद में अकेला पड़ जाता है। क्योंकि धीरे धीरे सबको उसके बारे में पता चल जाता हैं। ऐसे आदमी की कोई इज्जत नही रहती। लोग उससे बात करना पसंद नही करते और वह घृणा का पात्र बन जाता है और उससे हर कोई घृणा करता है।

ऐसा उसके साथ इसलिए होता है क्योंकि उसने ऐसा कृत्य किया होता है।


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