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Grahan 30 दिनों में पड़ रहे हैं तीन ग्रहण

आगामी 30 दिनों  में तीन ग्रहण  लगेंगे। जून से जुलाई महीने के बीच एक के बाद एक लगातार तीन बड़े ग्रहण पड़ रहे हैं।

Grahan
ग्रहण 

जिसमें पहला  5 जून 2020 को साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. यह एक उपछाया ग्रहण होगा जो भारत समेत एशिया, अफ्रीका और यूरोप में नजर आएगा। 

ग्रहण का समय 5 जून 2020 को लगने वाला चंद्र ग्रहण रात 11 बजकर 15 मिनट से आरंभ होगा और इसका समापन अगले दिन  6 जून को रात 2 बजकर 34 मिनट पर होगा। 

21 जून 2020 को दूसरा चंद्र ग्रहण लगेगा। यह ग्रहण भारत समेत सउदी, साउथ-ईस्ट और एशिया में भी पूर्ण रूप से नजर आने की संभावना है। 

ग्रहण का समय 21 जून को लगने वाला चंद्र ग्रहण सुबह 9 बजकर 15 मिनट आरंभ होगा और दोपहर 2 बजकर 2 मिनट तक रहेगा।  ज्योतिर्विदों  का कहना है कि दोपहर करीब 12 बजे इस ग्रहण का प्रभाव काफी ज्यादा बढ़ जाएगा।  इसलिए इस ग्रहण से काफी ज्यादा संभलकर रहने की जरूरत होगी। 

इसके बाद एक महीने के भीतर लगने वाले तीसरे  ग्रहण की तारीख 5 जुलाई 2020 है।  ये भी एक चंद्र ग्रहण ही है  लेकिन शायद यह भारत में नजर नहीं आएगा।  यह साउथ ईस्ट समेत अफ्रीका और अमेरिका में नजर आ सकता है। 

ग्रहण का समय यह ग्रहण 
5 जुलाई सुबह 8 बजकर 37 मिनट से लेकर सुबह 11 बजकर 22 मिनट तक रहेगा।  सुबह के वक्त चंद्र ग्रहण लगने की वजह से भारत में यह नजर नहीं आएगा।  जिन देशों में उस वक्त रात्रि होगी, यह ग्रहण वहीं नजर आने वाला है। 

ज्योतिष के अनुसार, चंद्र ग्रहण 2020 के शुरु होने से पूर्व अशुभ काल शुरु हो जाता है, इस अशुभ काल को सूतक काल कहा जाता है।  इस समयावधि में किसी भी शुभ कार्य को करने से बचना चाहिए। 

चंद्र ग्रहण के शुरु होने से 3 पहर पहले यानि 9 घंटे पहले यह अवधि शुरु होती है. आपको बता दें कि एक पहर 3 घंटे का होता है. इस दौरान कुछ सावधानियां बरतना जरूरी होता है। 

चंद्र ग्रहण शुरू होने से पहले खाने की सामग्री में तुलसी के पत्ते डालें और तुलसी के पेड़ को ग्रहण के दौरान न छूएं। 

चंद्रग्रहण देखना, सुरक्षित या नहीं?

सूर्य ग्रहण से विपरीत, चंद्र ग्रहण की घटना को नग्न आंखों से देखा जा सकता है। इससे आंखों पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है। 

वैज्ञानिकों के अनुसार साल 2020 में रात्रि के समय चंद्र ग्रहण को आसानी से देखा जा सकता है क्योंकि रात के समय कोई भी हानिकारक किरणें वातावरण में नहीं होंगी। 

धार्मिक रीति-रिवाजों के दौरान ग्रहण काल में कोई भी शुभ कार्य करने की मना की जाती है।  एक महीने में होने वाले इन तीनों ग्रहण पर वैज्ञानिकों और ज्योतिष शास्त्र के विद्वान पूरी तरह से नजर रखे हुए हैं

चंद्र ग्रहण को देखने के लिए आंखों पर कोई सुरक्षा जैसे चश्मा पहनने की भी आवश्यकता नहीं होती। हालांकि गर्भवती महिलाओं को सलाह दी जाती है कि चंद्र ग्रहण के दौरान वो घर से बाहर न निकलें। इससे उनके गर्भ में पल रहे बच्चे पर गलत असर पड़ सकता है। 

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इस ग्रहण का सभी राशियों पर प्रभाव रहेगा।



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