शुक्रवार

दुखद: आज तक के रोहित सरदाना का हार्ट अटैक से निधन, कुछ दिन पहले हुए थे कोरोना संक्रमित

आज तक' के बड़े पत्रकार रोहित सरदाना अब इस दुनिया में नहीं रहे। 30 अप्रैल आज सुबह दिल का दौरा पड़ने की वजह से उनका निधन हो गया।


कुछ दिन पहले रोहित कोरोना वायरस से संक्रमित भी हो गए थे लेकिन बाद में उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। रोहित सरदाना के निधन पर पत्रकारिता जगत से जुड़े काफी लोगों ने शोक जाहिर किया है। बता दें रोहित सरदाना ने देश के बड़े मीडिया संस्थानों में काम करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई।


रोहित सरदाना अपने सवालों और बोलने के तरीकों से लोगों के दिलों में बसते थे। उनके साथ काम करने वाले लोगों का कहना है कि रोहित सरदाना की हिंदी भाषा पर बहुत अच्छी पकड़ थी। बता दें कि साल 2018 में रोहित सरदाना को गणेश विद्यार्थी अवॉर्ड से नवाजा गया था।


भले ही कोरोना की वजह से आज रोहित सरदाना इस दुनिया को अलविदा कह गए लेकिन एक दिन पहले तक वो सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थे और लोगों की मदद कर रहे थे। रेमडेसिविर इंजेक्शन हो या अस्पताल में बेड, रोहित सरदाना अपने स्तर से लोगों की मदद कर रहे थे।


यहां तक कि अपनी मौत से एक दिन पहले (29 अप्रैल) तक रोहित सरदाना ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिए एक महिला को रेमडेसिविर इंजेक्शनों की व्यवस्था करने की गुहार लगाई थी। वहीं इससे पहले 28 अप्रैल को प्लाज्मा डोनेट करने की भी अपील की थी।

मशहूर टीवी एंकर और पत्रकार रोहित सरदाना का हार्ट अटैक से निधन हो गया। वह कोरोना वायरस से भी संक्रमित थे और नोएडा के मेट्रो हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था। रोहित सरदाना ने लंबे समय तक ‘जी न्यूज’ और ‘आजतक’ चैनल पर काम किया। रोहित सरदाना को उनके बेहतर काम के लिए पत्रकारिता जगत के कई पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वह किसी भी मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय पेश करते हुए नजर आते थे।

बॉलीवुड कलाकारों ने दी श्रद्धांजलि: बता दें कि रोहित सरदाना के निधन को लेकर बॉलीवुड कलाकार अशोक पंडित, स्वरा भास्कर और जीशान अय्यूब ने भी ट्वीट किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इससे इतर राजनीतिक दुनिया के कई दिग्गजों ने भी रोहित सरदाना के निधन पर दुख जताया और पोस्ट शेयर कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरिवंद केजरीवाल ने रोहित सरदाना के निधन पर दुख जताते हुए ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, “वरिष्ठ टीवी पत्रकार रोहित सरदाना जी के निधन की दुखद खबर स्तब्ध कर देने वाली है। ईश्वर उनकी आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें और परिवार को यह दुख सहने का साहस दें।”


बुखार, खांसी होना, गंध और स्वाद का पता न चलना, कोरोना के सबसे अधिक प्रमुख लक्षण हैं, लेकिन अब इसके नए लक्षण भी सामने आने लगे हैं..

कोरोना वायरस की दूसरी लहर में लक्षणों और जटिलताओं की सूची बढ़ती ही जा रही है। बुखार, खांसी और गंध और स्वाद का चले जाना, कोरोना के सबसे अधिक प्रचलित लक्षण हैं, लेकिन अब इसके नए लक्षण भी सामने आने लगे हैं। आइए जानते हैं कोरोना के नए लक्षण के बारे में

कोरोना आवाज पर भी डालता है असर
कोविड सिंपटम स्टडी ऐप (COVID Symptom study app) के मुताबिक, कई लोगों ने कोरोना से संक्रमित होने के बाद अपनी आवाज में परिवर्तन की सूचना दी है। लाखों लोंगो ने ऐप पर दिए डेटा से पता चला है कि कर्कश आवाज, कोविड-19 का एक लक्षण हो सकता है।
कर्कश आवाज, मतलब कोरोना? ऐप के पीछे मौजूद शोधकर्ताओं की टीम के मुताबिक, कर्कश आवाज कोविड-19 का एक असामान्य लक्षण है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। लोंगो ने अपनी बीमारी की शुरुआत में और बाद में कर्कश आवाज का अनुभव किया है।

इसे न करें नजरअंदाज हालांकि कर्कश आवाज आपकी आवाज में एक प्राथमिक परिवर्तन है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती है। अध्ययन के मुताबिक, कुछ लोगों को अपनी आवाज टेढ़ी-मेढ़ी और कर्कश लग सकती है, जबकि कुछ लोगों को अपनी आवाज अधिक शांत और भारी लग सकती है। ,

शोधकर्ता कहते हैं, 'हम जानते हैं कि कोरोना वायरस हमारे श्वसन तंत्र के ऊतकों को प्रभावित करता है, जिनमें से आवाज बॉक्स यानी स्वर यंत्र भी एक हिस्सा है। यह बताता है कि कुछ लोगों को अपने संक्रमण के दौरान कर्कश आवाज क्यों आती है।' उनका कहना है कि अगर आपको इस तरह की कोई समस्या हो रही है, तो आपको कोरोना की जांच जरूर करा लेनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आप संक्रमित हैं या नहीं।

अगर मेरी आवाज में कर्कशता है और मुझे लगता है कि यह कोरोना हो सकता है तो क्या करना चाहिए? सबसे पहले तो आपको आइसोलेट हो जाना चाहिए और कोरोना टेस्ट कराना चाहिए। जब तक रिपोर्ट न आ जाए, सबसे अलग ही रहें। नियमित रूप से गुनगुने पानी से गरारे करें। अधिक से अधिक मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें, विशेष रूप से पानी। अधिक परेशानी होने पर डॉक्टर से सलाह लें।

स्रोत और संदर्भ:

यह लेख कोविड सिंपटम स्टडी ऐप पर प्रकाशित स्टडी के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए हैं। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण हों अथवा आपको ऐसा लगे तो अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

गुरुवार

योग और प्राणायाम के महत्व को माना देश के दिग्गज डॉक्टरों ने।

कोरोना महामारी से देश के तमाम हिस्सों में ऑक्सिजन का संकट पैदा हो गया है। ऐसे में देश के दिग्गज डॉक्टरों ने ऑक्सिजन को लेकर बहुत ही जरूरी सुझाव और टिप्स दिए हैं जो आपके मन में पैदा हुए डर को खत्म कर देंगे। ऑक्सिजन लेवल घट रहा हो तो अनुलोम-विलोम, प्राणायाम करें, फायदा होगा। यह बात अब देश के दिग्गज डॉक्टर कह रहे हैं।

योग से ऑक्सिजन लेवल सही रहने और योग से शरीर मे ऑक्सीजन का स्टॉक रहने और फेफड़े मजबूत होने की बातें अब डॉक्टर नरेश त्रेहन जैसे दिग्गज ने भी इस पर मुहर लगाई है। डॉक्टर त्रेहन ने कहा कि आरटी-पीसीआर टेस्ट में पॉजिटिव आते ही लोकल डॉक्टर से संपर्क करें। इससे 90% से ज्यादा लोग घर पर ही ठीक हो जाएंगे। अनुलोम-विलोम प्राणायाम से मरीजों को बहुत फायदा होता है क्योंकि लंबी सांस लेकर रोकने से फेफड़े में ऑक्सिजन की ज्यादा मात्रा पहुंचती है। इससे फेफड़ा मजबूत होता है और इम्नयूनिटी सही रहती है।

एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने भी बताया कि गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज से फायदा मिलेगा। उन्होंने ऑक्सिजन को लेकर भ्रम को भी दूर किया। डॉक्टर गुलेरिया ने कहा, '...कई लोग यह समझते हैं कि कल मेरी ऑक्सिजन सेचुरेशन 98 थी और आज 97 हो गई, इसका मतलब है कि ऑक्सिजन लेवल घटने लगा है। इसलिए, ऑक्सिजन लगाने की नौबत आ गई है। आपको समझना चाहिए कि अगर आपकी ऑक्सिजन सेचुरेशन 94, 95, 97 है तो ऑक्सजिन लगाने की कोई जरूरत नहीं है। अगर आपको लगे कि सांस लेने में तकलीफ हो रही है, सीने में इन्फेक्शन है तो गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज करें। पेट के बल लेटेंगे तो भी आपकी सेचुरेशन बढ़ जाएगी।'

सुबह की ताजा हवा में घूमने जाएं। योग प्राणायाम करें। जिससे आपका ऑक्सीजन लेवल हमेशा सही रहेगा।

सोमवार

सामाजिक समारोहों में कम से कम जाएं और अपने प्रियजनों के साथ ऑनलाइन संपर्क में रहें।

सामाजिक समारोहों में कम से कम जाएं और अपने प्रियजनों के साथ ऑनलाइन संपर्क में रहें। सुरक्षित रहें। याद रखें, सफाई, दवाई, कड़ाई, जीतेंगे कोरोना से लड़ाई।


बेवजह अपने चेहरे को छूने से बचें। कीटाणु और वायरस हाथों के माध्यम से आपके शरीर में प्रवेश कर सकता है। सावधान रहें, सुरक्षित रहें। याद रखें, सफाई, दवाई, कड़ाई, जीतेंगे कोरोना से लड़ाई।


हमेशा अपने साथ अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइज़र रखें और अपने हाथ नियमित तौर पर साफ करते रहें। याद रखें, सफाई, दवाई, कड़ाई, जीतेंगे कोरोना से लड़ाई।


कोरोनावायरस से बचाव के लिए हाथों की स्वच्छता ज़रूरी है। अपने हाथों को नियमित रूप से साबुन और पानी से धोएं। याद रखें, सफाई, दवाई, कड़ाई, जीतेंगे कोरोना से लड़ाई।

चेहरे और नाक को मास्क से अच्छी तरह ढ़कें ताकि कोरोना के संक्रमण से बच सकें।

मथुरा कोरोना महामारी

यूपी में योगी सरकार ने कोरोना महामारी की रफ्तार को नियंत्रित करने के लिए दो दिन का साप्ताहिक लॉकडाउन ऐलान किया। इसके बावजूद जिले में कोरोना महामारी को लेकर ऐसे बेपरवाह 256 लोगों के एक दिन में पुलिस ने चालान किए


उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा लगाए गए दो दिन के साप्ताहिक लॉकडाउन के बाद साप्ताहिक बाजारों को लेकर व्यापारियों में असमंजस की स्थिति को नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने स्पष्ट कर दिया है। यानि शनिवार और रविवार की साप्ताहिक लॉकडाउन को छोड़कर सभी बाजार नियमित रुप से खुलेंगे।

कोरोना महामारी के बीच गैर जिम्मेदार लोग सनसनीखेज खबरों को सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं। इससे लोगों में दहशत फैलती है। यह करना बड़ा अपराध है, ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और सीधे जेल जाएंगे।

बुधवार

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित, 10वीं के एग्जाम फिलहाल कैंसिल

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। इसके अलावा 10वीं के एग्जाम फिलहाल कैंसिल कर दिए गए हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। 12वीं की मई और जून में होने वाली परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया, अब इनकी तारीख एक जून के बाद तय की जाएगी।


10वीं के स्टूडेंट्स का रिजल्ट बोर्ड द्वारा तैयार किए गए ऑब्जेएक्टिव क्राइटिया द्वारा तैयार किया जाएगा। बुधवार को सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिक्षा मंत्री और मंत्रालयों के अफसरों के साथ बैठक की थी। जिसमें यह फैसला लिया गया है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। इसके अलावा 10वीं के एग्जाम फिलहाल कैंसिल कर दिए गए हैं।

देश के विभिन्न राज्यों में कोरोना संक्रमण से बिगड़ते हालात के बीच कई महानगरों और प्रमुख शहरों में कोरोना से होने वाली मौतों की वीभत्स तस्वीरें आ रही हैं.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह जैसे तमाम नेताओं ने परीक्षा रद्द करने की मांग की थी. वहीं, लॉकडाउन के दौरान प्रवासियों की मदद से चर्चा में आए बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने भी सार्वजनिक रूप से आग्रह किया था कि ये परीक्षाएं न ली जाएं. एक्ट्रेस रवीना टंडन ने भी कोरोना के हालात को देखते हुए छात्रों के हित में सीबीएसई परीक्षा रद्द करने की मांग की थी. इन तमाम शख्सियतों की मांग पर ध्यान देते हुए आखिरकार आज केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने सीबीएसई परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया. इस फैसले की कई लोगों ने सराहना की है

देशभर के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कलाकार कोरोना संक्रमण के मद्देनजर इन परीक्षाओं को रद्द करने की मांग कर रहे थे. सोशल मीडिया पर इसको लेकर अभियान तक चलाया जा रहा था.

सोमवार

जानिए कब से शुरू हो रही हैं चैत्र की नवरात्रि और क्यों खास हैं इस बार

चैत्र और शारदीय नवरात्रि पूरे देश में बहुत श्रद्धा भाव से मनाई जाती है. इस साल चैत्र नवरात्रि 13 अप्रैल को शुरू हो रही है और इसका समापन 21 अप्रैल को होगा

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 नवरात्रि के दौरान पूरे नौ दिनों तक हर तरफ भक्तिमय माहौल रहता है. ज्योतिष के अनुसार इन नौ दिनों में किन चीजों का पालन करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं आइये जानते हैं।
 
नवरात्रि शुरू होने से एक दिन पहले घर की और पूजा स्थल की अच्छे से सफाई करें. नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा का घर में आगमन होता है. इसलिए मां के आगमन से पहले पूरे घर की अच्छे से सफाई कर लें. और माँ के आगमन की तैयारी करें।

मां के आगमन से पहले घर के मुख्य द्वार पर हल्दी या रोली से स्वास्तिक बनाएं. हल्दी से बना स्वास्तिक गुरु ग्रह को जबकि रोली से बना स्वास्तिक चिन्ह शुक्र को शुद्ध करता है और जीवन में सकारात्मक लाता है.
नवरात्रि में हमेशा मां की प्रतिमा को चंदन या चांदी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर पर स्थापित करना चाहिए. लाल रंग को सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. 

कलश स्थापना में दिशा का ध्यान में रखकर कलश हमेशा उत्तर पूर्व दिशा में स्थापित करना चाहिए. कलश को सुपारी, सिक्का और जल डालकर भरना चाहिए.

 कलश पर अशोक के पत्ते जरूर रखें. ये पत्ते शुभ गिनतियों में होने चाहिए जैसे 9, 11, 21 आदि. अशोक को शोक और संकट को हरने वाला पौधा कहा जाता है.इसलिए पूजा-पाठ में इसका प्रयोग करने से जीवन में आने वाली विपदाएं दूर होती हैं. कलश पर कलावा बांधकर जटादार नारियल रखें.
चैत्र नवरात्रि के दौरान अपने पूजा स्थान पर अखंड दीपक जलाएं. अगर आप अखंड दीपक नहीं जला पा रहे हैं तो पूरी नवरात्रि सुबह और शाम को दीपक जरूर जलाएं. इससे.मां दुर्गा की कृपा आप पर बनी रहेगी. 

चैत्र हो या शारदीय नवरात्र मातारानी की पूजा में जौ जरूर अर्पित क‍िए जाते हैं। इसके अलावा नवरात्र में जौ बोने की परंपरा भी सद‍ियों से चली आ रही है।मान्‍यता है कि नवरात्र के दौरान बोई गई जौ जैसे-जैसे आगे बढ़ती है वैसे ही मां की कृपा भी बरसती है। इसके अलावा जौ जितनी हरी-भरी होगी। दुर्गा मां की कृपा से जातक के घर में उतनी ही सुख-समृद्धि आती है।

सबसे पहले आवश्यक है कि प्रतिदिन मंदिर जाएं. अगर कोरोना के कारण मंदिर नहीं जा पा रहे हैं तो मां की घर में ही पूजा-अर्चना करें. मातारानी को जल अवश्य अर्पित करें. घर में नंगे पैर रहना चाहिए. साफ-सफाई का खास ध्यान रखें. साफ कपड़े पहनें.

सात्विक रहें. घर में कलह-क्लेश नहीं होना चाहिए. मां को अपने हाथों से बना प्रसाद अर्पित करें. सुबह-शाम मां के नाम की ज्योत जलनी चाहिए. घी से जलाएं. गरीबों की यथाशक्ति मदद करें.

मांस-मदिरा का सेवन न करें. तामसिक भोजन से दूर रहें. इन दिनों में नाखून व बाल न काटें. किसी से अभद्र भाषा में बात न करें. मन में बुरे विचार न आने दें.

Mathura Vrindavan

मुकेश खन्ना के निधन की उड़ी अफवाह, मुकेश खन्ना खुद बोले- मैं बिल्कुल ठीक हूं

मुकेश खन्ना एक भारतीय फिल्म और टीवी कलाकार रहे हैं। जिन्होंने मुख्य रूप से बॉलीवुड में और टीवी दुनिया में काम किया है। मुकेश खन्ना को दूरदर्...