गुरुवार

योग और प्राणायाम के महत्व को माना देश के दिग्गज डॉक्टरों ने।

कोरोना महामारी से देश के तमाम हिस्सों में ऑक्सिजन का संकट पैदा हो गया है। ऐसे में देश के दिग्गज डॉक्टरों ने ऑक्सिजन को लेकर बहुत ही जरूरी सुझाव और टिप्स दिए हैं जो आपके मन में पैदा हुए डर को खत्म कर देंगे। ऑक्सिजन लेवल घट रहा हो तो अनुलोम-विलोम, प्राणायाम करें, फायदा होगा। यह बात अब देश के दिग्गज डॉक्टर कह रहे हैं।

योग से ऑक्सिजन लेवल सही रहने और योग से शरीर मे ऑक्सीजन का स्टॉक रहने और फेफड़े मजबूत होने की बातें अब डॉक्टर नरेश त्रेहन जैसे दिग्गज ने भी इस पर मुहर लगाई है। डॉक्टर त्रेहन ने कहा कि आरटी-पीसीआर टेस्ट में पॉजिटिव आते ही लोकल डॉक्टर से संपर्क करें। इससे 90% से ज्यादा लोग घर पर ही ठीक हो जाएंगे। अनुलोम-विलोम प्राणायाम से मरीजों को बहुत फायदा होता है क्योंकि लंबी सांस लेकर रोकने से फेफड़े में ऑक्सिजन की ज्यादा मात्रा पहुंचती है। इससे फेफड़ा मजबूत होता है और इम्नयूनिटी सही रहती है।

एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने भी बताया कि गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज से फायदा मिलेगा। उन्होंने ऑक्सिजन को लेकर भ्रम को भी दूर किया। डॉक्टर गुलेरिया ने कहा, '...कई लोग यह समझते हैं कि कल मेरी ऑक्सिजन सेचुरेशन 98 थी और आज 97 हो गई, इसका मतलब है कि ऑक्सिजन लेवल घटने लगा है। इसलिए, ऑक्सिजन लगाने की नौबत आ गई है। आपको समझना चाहिए कि अगर आपकी ऑक्सिजन सेचुरेशन 94, 95, 97 है तो ऑक्सजिन लगाने की कोई जरूरत नहीं है। अगर आपको लगे कि सांस लेने में तकलीफ हो रही है, सीने में इन्फेक्शन है तो गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज करें। पेट के बल लेटेंगे तो भी आपकी सेचुरेशन बढ़ जाएगी।'

सुबह की ताजा हवा में घूमने जाएं। योग प्राणायाम करें। जिससे आपका ऑक्सीजन लेवल हमेशा सही रहेगा।

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