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पांच कृषि आधारित व्यवसायों के बारे में बता रहे हैं, जो किसान भाई अपने खेतों पर शुरू कर सकते हैं।

आज के जमाने में किसानों के लिए कृषि से जुड़े और भी साधन होना बहुत जरूरी है। ताकि, अगर उन्हें किसी कारन अपनी फसल से अच्छी कमाई न मिले, तो उनके पास कमाई का कोई दूसरा रास्ता हो। किसानों की आय को अच्छी करने के लिए, कृषि विभाग द्वारा कई तरह की योजनाएं भी चलाई जा रही हैं। किसानों को सौर ऊर्जा से लेकर तालाब खुदवाने के लिए भी सरकार से सब्सिडी मिल रही है।

 

लेकिन कुछ ऐसे काम भी हैं, जो किसान खुद कम से कम लागत में शुरू कर सकते हैं और अच्छी आमदनी कर सकते हैं। किसान इन्हें अपने खेतों पर ही शुरू कर सकते हैं। 

पांच कृषि आधारित व्यवसाय-

1. वर्मीकंपोस्टिंग यूनिट(केंचुआ खाद)

आजकल वर्मीकंपोस्ट (केंचुआ खाद) की बाजार में अच्छी मांग है।  आजकल बहुत से किसान जैविक खेती से जुड़ना चाहते हैं, जिसके लिए उन्हें ज्यादा मात्रा में केंचुआ खाद की जरूरत पड़ती है। छोटे किसानों को केंचुआ खाद तैयार करना आसान होता है। लेकिन, बड़े किसान, खाद ज्यादातर बाजार से ही खरीदते हैं। इसलिए किसान चाहे, तो अपने खेतों पर ही 15-20 हजार रुपए में वर्मीकम्पोस्टिंग यूनिट शुरू कर सकते हैं और अगर कोई किसान सही ट्रेनिंग लेकर, सही तरीके से वर्मीकम्पोस्टिंग यूनिट शुरू करता है, तो अच्छा मुनाफा कमा सकता है।

2. मशरूम:

मशरूम खाने में जितना अच्छा और हेल्थी होता है, इसकी खेती उतनी ही आसान है। किसान इसे अपने खेतों में या घर में, छोटी-बड़ी शेड लगाकर उगा सकते हैं। मशरूम में जल्दी उत्पादन मिलता है और इसकी बाजार में काफी अच्छी डिमांड भी है। 

मशरूम की खेती करने वाले किसान को ‘कृषि विज्ञान केंद्र’ से मशरूम की खेती की ट्रेनिंग लेनी चाहिए, क्योंकि, इस काम के लिए सही ट्रेनिंग लेना बहुत जरूरी है। इसके बाद खेती के साथ-साथ, कम से कम लागत में मशरूम की खेती शुरू कर सकते हैं। 

3. मोती पालन:

किसानों को अपने खेतों में तालाब खुदवाने के लिए सरकार द्वारा सब्सिडी दी जा रही है और वो इस योजना का फायदा उठाकर अपने खेतों पर ही सामान्य खेती के साथ-साथ, तालाब में मोती पालन भी शुरू कर सकते हैं। तालाब की क्षमता के अनुसार इसमें सीप डाले जा सकते हैं। एक सीप से दो मोती निकलते हैं और इनकी q के अनुसार, इनकी कीमत 100 से 250 रुपए तक मिल जाती है। ऐसे छोटे से छोटे तालाब से भी किसान अच्छा मुनाफा ले सकते हैं। 

4. नर्सरी:

अगर कोई किसान फल-सब्जियों की अच्छी पौध तैयार कर सकता है, तो उसे अपने खेतों पर नर्सरी का काम भी करना चाहिए। अपने खेतों के लिए सब्जियों के पौधे तैयार करते करते नर्सरी भी तैयार कर सकते हैं। और इन पौधों को आसपास के इलाके के किसानों को बेच सकते हैं। सब्जियों के अलावा, किसान फलों, अन्य पेड़-पौधे जैसे चंदन, महोगनी आदि की नर्सरी भी कर सकते हैं। 

5. प्रोसेसिंग:

प्रोसेसिंग ऐसा व्यवसाय है, जो छोटे-बड़े सभी किसानों को करना चाहिए। जब किसान खुद अपनी उगाई हुई चीजों को प्रोसेस करके बाजार में बेचेंगे, तो उनकी कमाई अपने आप ही बढ़ जाएगी। 

प्रोसेसिंग में काफी मेहनत लगती है, लेकिन इसमें मुनाफा भी ज्यादा है। अगर आप घर पर हाथ से प्रोसेसिंग नहीं कर सकते हैं, तो आप दाल मिल या आटा मिल खोजकर, वहां अपनी उपज को प्रोसेस करा सकते हैं। ऐसा करने से ज्यादा लागत भी नहीं आती और प्रोसेस की हुई चीजों को आप, अपने ब्रांड नाम देकर के ग्राहकों तक पहुंचा सकते हैं। 

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