शनिवार

गले में इंफेक्शन होने पर कुचकुचाहट और दर्द जैसी दिक्कतें होने लगती हैं। इससे छुटकारा पाने के लिए कुछ घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

मौसम बदलने के साथ लोगों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी होने लगती हैं। ऐसे ही बदलते मौसम में गले में दर्द और खराश की परेशानी सबसे आम है। लेकिन इस कोरोना काल में सर्दी-खांसी जैसी मामूली परेशानी भी लोगों को डरा रही है। अब गले में दर्द और सूजन को भी स्वास्थ्य विशेषज्ञ कोरोना का एक लक्षण मानते हैं। गले में इंफेक्शन होने पर कुचकुचाहट और दर्द जैसी दिक्कतें होने लगती हैं। किसी किसी को भोजन निगलने में दिक्कत होने लगती है। लेकिन इससे छुटकारा पाने के लिए कुछ घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल कर सकते हैं।





गले में खराश के कारण:

गले में दर्द और खराश वायरल संक्रमण के कारण होता है। कई बार सर्दी-जुकाम होने पर भी ऐसी परेशानी हो जाती है। इसके अलावा, बैक्टीरियल इंफेक्शन, एलर्जी, पॉल्यूशन, गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स और ज्यादा जोर से चिल्लाने से भी गले में दर्द की समस्या होने लगती है।

घरेलू नुस्खे

काली मिर्च: काली मिर्च में एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण पाए जाते हैं जो सर्दी-जुकाम और गले में खराश की परेशानी को दूर करता है। इससे गला साफ होता है और दर्द भी गायब हो जाता है।

शहद: गले की खराश को दूर करने में शहद बहुत ही फायदेमंद है। इसमें एंटी-बायोटिक तत्व पाए जाते हैं। शहद यूज करने से गले की कोटिंग हो जाती है जिससे खराश की परेशानी कम होती है। दिन में 2 बार शहद लेने से गले को आराम मिलता है।

गर्म पानी का गरारा: गले में दर्द और निगलने में परेशानी के लिए रात को सोने से पहले गरारा करना चाहिए। इसके लिए आप दो गिलास पानी को बर्तन में डालकर गैस पर चढ़ाएं, फिर उसमें आधा चम्मच हल्दी और इतने ही मात्रा में सेंधा नमक मिलाएं। 10 मिनट तक उबलने दें और फिर सोने से पहले और सुबह उठने के बाद गरारा करें।

हल्दी वाला दूध: हल्दी दूध एंटी-सेप्टिक के रूप में कार्य करता है, साथ ही ये एक नैचुरल एंटी-बायोटिक भी है। ये गले की खराश, सूजन और दर्द को दूर करता है।

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