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क्या है हाई ब्लड प्रेशर? हाई ब्लड प्रेशर कितने प्रकार के होते हैं? हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण क्या हैं? हाई ब्लड प्रेशर के कारण क्या है?

हाई ब्लड प्रेशर आज कल आम समस्या बनती जा रही है। इसे गंभीरता से न लेने के कारण ज्यादातर लोग आसानी से इसका शिकार बनते जा रहे हैं। भारत में 8 लोगों में से 1 व्यक्ति उच्च रक्तचाप का शिकार हैं। इन लोगों को अपना रक्तचाप सामान्य रखने के लिए गोलियां लेनी पड़ती है, लेकिन फिर भी वह इससे छुटकारा नहीं पा पाते हैं।

high blood pressure
High Blood Pressure

हर साल 17 मई को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मनाया जाता है ताकि इस बीमारी के प्रति लोग जागरूक रहें।

क्या है हाई ब्लड प्रेशर?

हाई ब्लड प्रेशर को हाइपरटेंशन भी कहते है, इसमें दिल की धमनियों में ब्लड फ्लो काफी तेज़ हो जाता है। वैसे तो यह समस्या ठीक हो जाती है, लेकिन इसका इलाज काफी समय तक न किया जाए तो यह दिल संबंधी बीमारियों का कारण बन सकता है जिसकी वजह से व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।

हाई ब्लड प्रेशर कितने प्रकार के होते हैं?

हाई ब्लड प्रेशर के प्रकार कुछ इस प्रकार हैं:

1. प्राइमरी : यह हाई ब्लड प्रेशर का शुरुआती प्रकार होता है। यह उम्र बढ़ने के साथ-साथ होता है जिससे अधिकतर लोग इसका शिकार होते हैं।

2. सेकंडरी : किसी दूसरी बीमारी या दवा लेने से यह ब्लड प्रेशर होने की उम्मीद होती है।

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण क्या हैं?

हाई ब्लड प्रेशर को ‘साइलेंट किलर’ भी कहा जाता है, क्योंकि यह कई बार बिना संकेत के ही शरीर में घुस जाता है। लेकिन यहां हम कुछ हाई बीपी के लक्षण बता रहे हैं, जो इसकी शुरूआत का संकेत देते हैं।

• लगातार सिरदर्द होना- हाई ब्लड प्रेशर का प्रमुख लक्षण व्यक्ति को लगातार सिरदर्द होना है।

आमतौर पर, तनाव को सिरदर्द का कारण समझा जाता है जिसकी वजह से दवाई भी ली जाती है। लेकिन यह हाई ब्लड प्रेशर का लक्षण भी होता है।

• थकान महसूस होना- हाई ब्लड प्रेशर का अन्य लक्षण है, बार-बार थकान महसूस होना।

यदि किसी छोटा सा काम करने में भी काफी थकान महसूस हो तो इसे समस्या को नज़रअदाज़ नहीं करना चाहिए।

• सीने में दर्द होना- अगर किसी व्यक्ति के सीने में दर्द होता है, तो यह भी हाई ब्लड प्रेशर का संकेत है और इसके लिए डॉक्टर को जाकर जरूर दिखाना चाहिए।

• सांस लेने में तकलीफ होना- हाई ब्₹लड प्रेशर होने पर सांस लेने में दिक्कत होती है और सांस फूलती है। इसलिए इसका समय पर इलाज शुरू करवाना जरूरी होता हैं

• दिल की धड़कनों का अनियमति गति से चलना-

हाई ब्लड कैंसर में दिल की धड़कने अनियमित गति से चलने लगती है।

यदि किसी व्यक्ति को यह समस्या होती है तो उसे एक बार डॉक्टर जो जरूर दिखाए।

• चक्कर आना

हाई ब्लड प्रेशर में खून का प्रवास इतना जल्दी होने लगता है जिससे चक्कर आ सकते है।

• नाक से खून निकलना

ब्लड प्रेशर ज्यादा होने से नाक कि मांसपेशियों पर दवाब पड़ता है, जिसकी वजह से नाक से खून निकल सकता है।

हाई ब्लड प्रेशर होने के कई सारे कारण होते है, जो इस प्रकार है:

• धूम्रपान करना- जो लोग धूम्रपान करते हैं। उन लोगो में हाई ब्लड प्रेशर होने की संभावना ज्यादा होती है।

• वजन का अधिक होना- मोटापे को अच्छा नहीं माना जाता है क्योंकि हाई ब्लड प्रेशर वजन के अधिक होने की वजह से भी होता है।

• व्यायाम न करना- स्वस्थ रहने की लिए व्यायाम करना बहुत जरूरी होता है। यह शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करता है और रोग-प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है। इसलिए अगर नियमित रूप से व्यायाम नहीं किया जाए तो हाई ब्लड प्रेशर होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।

• खाने में ज्यादा नमक खाना- यदि कोई व्यक्ति खाने में ज्यादा नमक लेता है, तो उसे हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी होने की संभावना काफी ज्यादा रहती है।

• तनाव लेना- इनमें हाई ब्लड प्रेशर उन लोगों में अधिक देखने को मिलता है, जो तनाव ज्यादा लेते हैं।

उम्र के हिसाब से कितना होना चाहिए ब्लड प्रेशर?

यह जानना बहुत जरूरी है कि उम्र के हिसाब से किस व्यक्ति का कितना ब्लड प्रेशर होना चाहिए।

15 से 18 साल
पुरुष 117 - 77 mmhg
महिला 120 - 79 mmhg

21 से 25 साल
पुरुष 121 - 79 mmhg
महिला 116 - 71 mmhg

26 से 30 साल
पुरुष 120 - 77 mmhg
महिला 114 - 72 mmhg

31से 35 साल
पुरुष 115 - 77 mmhg
महिला 110 - 73 mmhg

36 से 40 साल
पुरुष 120 - 76 mmhg
महिला 113 - 75 mmhg

41 से 45 साल
पुरुष 116 - 80 mmhg
महिलाओं 127 - 74 mmhg

46 से 50 साल
पुरुष 120 - 81 mmhg
महिला 124 - 79 mmhg

51 से 55 साल
पुरुष 126 - 80 mmhg
महिला 123 -75 mmhg

56 से 60 साल
पुरुष 130 - 80 mmhg
महिला 133 - 79 mmhg

60 से अधिक 
पुरुष 144 - 77mmhg
महिला 130 - 77 mmhg

उच्च रक्तचाप के क्या जोखिम हो सकते हैं?

किसी भी बीमारी को नज़रअदाज़ नहीं करना चाहिए क्योंकि ज्यादा समय तक इलाज न कराने पर वह गंभीर रूप ले लेती है। बहुत सारे लोग हाई ब्लड प्रेशर की ओर ध्यान नहीं देते हैं इसी कारण उन्हें निम्नलिखित जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है-

• मस्तिष्क की रक्तवाहिकाओं में ब्लॉकेज होना:

यह हाई ब्लड प्रेशर का प्रमुख जोखिम है, इसमें व्यक्ति के मस्तिष्क की रक्तवाहिकाओं में ब्लॉकेज हो जाता है। ये बहुत घातक हो सकता है, इसलिए समय रहते इलाज करवाना जरूरी है।

• ​आर्टरीज पर प्रभाव:

हाई ब्लड प्रेशर धमनियों से ब्लड फ्लो के दबाव को बढ़ाता है, जिससे धमनियों की अंदरूनी परत, कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है। जो धीरे धीरे आर्टरीज पर प्रभाव डालती है और ये खतरनाक हो जाता है।

• हृदय पर प्रभाव

हाई ब्लड प्रेशर होने पर हार्ट को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। और ज्यादा दबाव के कारण दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। धीरे-धीरे हृदय भी काफी कमजोर हो जाता है और हार्ट फेल होने की संभावना भी बढ़ जाती है।

• तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव:

हाई ब्लड प्रेशर तंत्रिका तंत्र को भी प्रभावित करता है। उच्च रक्तचाप के कारण मस्तिष्क में ब्लड का फ्लो कम होने लगता है जिससे याददाश्त कमजोर होने लगती है। इतना ही नहीं, हाई ब्लड प्रेशर के कारण मस्तिष्क की धमनियों को भी नुकसान होता है।

• ​​आंखों पर प्रभाव:

हाई ब्लड प्रेशर आखों पर बुरा प्रभाव डालता है। इससे आंखों में रक्त वाहिकाओं को भी नुकसान हो सकता है। अगर वह फट जाती हैं तो इससे देखने में दिक्कत होती है और आपको धुंधलापन या अंधेपन की समस्या हो सकती है।

• हड्डियों पर प्रभाव:

हाई ब्लड प्रेशर हड्डियों को भी नुकसान पहुंचता है। यह यूरिन में कैल्शियम की मात्रा को बढ़ा देता है और शरीर के बोन डेंसिटी पर प्रभाव डालता है और हड्डियां कमजोर हो जाती हैं।

• श्वसन प्रणाली पर प्रभाव:

हाई ब्लड प्रेशर से फेफड़ों में धमनियां डैमेज हो जाती हैं। तो ये बहुत ही खतरनाक हो जाती है।

• नींद पर प्रभाव:

हाई ब्लड प्रेशर के कारण नींद पर भी बुरा असर पड़ता है। इससे सोने में दिक्कत होती है।

 हाई ब्लड प्रेशर से कैसे बचें?

अगर आप अपने आहार और जीवनशैली में थोड़ा बदलाव लाएं तो आप हाई ब्लड प्रेशर पर पूरी तरह नियंत्रण पा सकें।

• स्वस्थ आहार लें - हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए ताजे फल और सब्जियां खूब खाएं।

• वजन कंट्रोल करे - अधिक वजन होने के कारण ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है। इसलिए वजन कंट्रोल रखना बहुत जरूरी है।

• शारीरिक गतिविधियां करे- शारीरिक गतिविधि वजन कंट्रोल रखने और ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है। इसलिए 30 मिनट एक्सरसाइज जरूर करें।

• धूम्रपान से बचें- धूम्रपान ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है और हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा देता है।

• शराब से दूर रहें- शराब ब्लड प्रेशर को बढ़ाती है इसलिए अधिक शराब नहीं पीनी चाहिए।

• पर्याप्त नींद लें - पर्याप्त नींद लेना बहुत महत्वपूर्ण है। ये हाई ब्लड प्रेशर को रोकती है।

हाई ब्लड प्रेशर में क्या खाएं?

• रोज 4 अखरोट एवं 5 से 7 बादाम खाएं।

• फलों में सेब, अमरूद, अनार, केला, अंगूर, अनानास, मौसंबी, पपीता खाएं।

• रोज सुबह खाली पेट लहसुन की 2 कलियां खाएं।

• खट्टे फल, नींबू पानी, सूप, नारियल पानी, सोया, अलसी और काले चने खाएं।

• पानी खूब पिएं।

• खाना बनाने के लिए सोयाबीन तेल का इस्तेमाल करे।

• सलाद में प्याज, टमाटर, मूली, गाजर, खीरा, गोभी खाएं।

• बिना मलाई वाले दूध पिए।

• अपने खाने में ओमेगा-3 भी शामिल करें।

• डार्क चॉकलेट भी खा सकते है।

हाई ब्लड प्रेशर में क्या ना खाए?

• जिस व्यक्ति का ब्लड प्रेशर हाई होता है उसे नमक कम खाना चाहिए।

• कॉफी और चाय का सेवन कम करना चाहिए।

• डिब्बा बंद खाने का सेवन करने से बचें।

• स्मोकिंग और शराब से दूर रहें।

• बाहर की चीजें जैसे पिज्जा, बर्गर आदि खाने से बचें।

• बेकिंग सोड़ा का सेवन नहीं करना चाहिए।

• भोजन में नमक ऊपर से न डालें।

• चटनी, आचार, अजीनोमोटो, बेंकिंग पाउडर और सॉस से दूर रहें।

• ज्यादा फैट वाली चीज नही खानी चाहिए।

हाई ब्लड प्रेशर की जांच कैसे की जाती है?

हाई बीपी का परीक्षण करना बहुत आसान है। यदि आपका ब्लड प्रेसर ज्यादा रहता है, तो डॉक्टर एक हफ्ते तक कई बार ब्लड प्रेशर चेक करने के लिए कहते हैं। क्योंकि एक बार के टेस्ट से हाई बीपी का पता नही चल पाता।

डॉक्टर यह जानना चाहते हैं कि समस्या लगातार बनी रहती है कि नहीं क्योंकि कई बार पर्यावरण की वजह से भी ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है।

अगर बीपी बढ़ा हुआ रहता है, तो डॉक्टर दूसरी बिमारियों का पता करने के लिए और परीक्षण कर सकते है ये परीक्षण निम्न हो सकते हैं:

• यूरिन टेस्ट

• कोलेस्ट्रॉल स्क्रीनिंग

• ईसीजी

हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के घरेलू उपाय क्या हैं?

1. लहसुन:

लहसुन हर घर में इस्तेमाल किया जाता है। लहसुन ब्लड प्रेशर ठीक करने में बहुत मदद करता है। आप सुबह-शाम एक चम्मच शहद के साथ 1 लहसुन की कली ले सकते हैं। इसके अलावा खाने में भी लहसुन का उपयोग करे।

2. आवलें का रस:

एक बड़ा चम्मच आँवले का रस और शहद मिलाकर सुबह-शाम लेने से हाई ब्लड प्रेशर कम होता है।

3. काली मिर्च:

जब ब्लड प्रेशर बढ़ा हो तो आधे गिलास गुनगुने पानी में काली मिर्च पाउडर का एक चम्मच घोल लें। और थोड़ी थोड़ी देर में इसे पिए।

4. तरबूज:

तरबूज के बीज की गिरी और खसखस अलग-अलग पीसकर बराबर मात्रा में रख लें। इसको रोज एक-एक चम्मच लें।

5. नींबू:

बढ़े हुए ब्लड प्रेशर में एक गिलास पानी में आधा नींबू निचोड़कर तीन-तीन घण्टे के अन्तर में पीना चाहिए। इससे उच्च रक्तचाप का इलाज होता है।

6. तुलसी और नीम:

पाँच तुलसी के पत्ते तथा दो नीम की पत्तियों को पीस लें और एक गिलास पानी में घोलकर रोज खाली पेट सुबह पिएं।

7. नंगे पैर हरी घास पर चलना:

हाई ब्लड प्रेशर में नंगे पैर हरी घास पर 10-15 मिनट तक चलना चाहिए। रोजाना चलने से ब्लड प्रेशर नॉर्मल हो जाता है।

8. पालक और गाजर का जूस:

ताजा पालक और गाजर का रस रोज पिएं। इसका रस लाभकारी सिद्ध होता है।

9. करेला:

करेला और सहजन के फल का खाया करें। ये हाई ब्लड प्रेशर को ठीक करता है।

10. ब्राउन राइस:

ब्लड प्रेशर के रोगियों को ब्राउन चावल खाना चाहिए। ये बहुत लाभ देता है और ब्लड प्रेशर कंट्रोल करता है।

11. मेथीदाना:

3 ग्राम मेथीदाना पाउडर सुबह-शाम पानी के साथ लें। इससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।

12. टमाटर:

ब्लड प्रेशर के उपचार के लिए टमाटर खाना चाहिए। इसलिए रोजाना एक टमाटर या एक कप टमाटर का जूस पिएं।

13. अनार:

रोजाना एक अनार या अनार का जूस पीने से हाई ब्लड प्रेशर कम हो जाता है।

14. चुकंदर:

आप चुकंदर से भी बीपी कम कर सकते हैं। एक चुकंदर और आधी मूली लें। इनको छील कर इनके छोटे-छोटे टुकड़े कर के जूस निकाल लें। यह जूस दिन में एक बार पिए।

15. नारियल:

आप नारियल से भी ब्लड प्रेशर कम कर सकते हैं। आप दिन में 2-3 बार नारियल पानी पिए।

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?

जब ब्लड प्रेशर 140-90 से अधिक होता है और सीने में दर्द और भारीपन महसूस हो, और सांस लेने में परेशानी हो।l, सिर दर्द हो, कमजोरी या धुंधला दिखाई दे तो मरीज को डॉक्टर के जल्द से जल्द लेकर जा a चाहिए।

पूछे गए कुछ सवाल?

Q. क्या हाई ब्लड प्रेशर के कारण नकसीर हो सकती है?

Ans. जी हां, हाई बीपी की वजह से नाक से खून बहता है।

Q. ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में कितना समय लगता है?

Ans. ब्लड प्रेशर कंट्रोल करना ब्लड प्रेशर के सिम्पटम्स और उसके उपचार पर निर्भर करता है। वैसे बीपी को नॉर्मल होने में 3 हफ्ते लग सकते हैं।

Q. हाई ब्लड प्रेशर गर्भावस्था को कैसे प्रभावित करता है?

Ans. गर्भावस्था में हाई बल्ड प्रेशर के कारण समय से पहले बच्चे का जन्म, बच्चे का विकास ठीक से न होना, हृदय रोग का खतरा और बच्चे का वजन कम होने जैसी कई समस्याएं होती हैं।

Q. क्या पानी पीने से ब्लड प्रेशर कम हो सकता है?

Ans. पानी पीना सेहत के लिए अच्छा होता है, इसलिए खुद को स्वस्थ रखने के लिए पानी की सही मात्रा लें। और ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए सिर्फ पानी पर निर्भर न रहें।



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